पूर्व में स्व. अजीत सिंह सभरवाल का किया गया अथक प्रयास आज सफल हुआ। जल्द ही गुरुद्वारे की साफ-सफाई करके निर्माण कार्य भी शुरू कराया जाएगा। इस वर्ष संपूर्ण भारत वर्ष में साहिब गुरु तेग बहादुर महाराज का 350वां शहीदी दिवस मनाया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि जगतगंज स्थित गुरुद्वारा गुरु तेग बहादुर महाराज की चरण स्पर्श भूमि है। श्री बड़े हनुमान मंदिर भी वहीं स्थित है। दोनों पक्षों के सुलहनामा को लोग युगों-युगो तक याद करते रहेंगे। दोनों पक्षों के बीच हुए समझौते में स्वतंत्रता सेनानी शहीद बाबू जगत सिंह के वंशज प्रदीप नारायण सिंह ने मध्यस्थता की है।
मुख्यमंत्री की पहल से हुआ संभव, दिया धन्यवाद
परमजीत सिंह अहलुवालिया ने बताया कि गुरुद्वारे को मुक्त कराने और दोनों पक्षों के बीच समझौता मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की वजह से संभव हो पाया है। गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी इसके लिए सदैव ऋणी रहेगा।
श्री बड़े हनुमान मंदिर प्रबंध समिति के व्यवस्थापक श्याम नारायण पांडेय और गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के मध्य आपसी सौहार्द कायम रखने के लिए सुलहनामा पर जगतगंज कोठी में विस्तार से चर्चा हुई। गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने मंदिर समिति और प्रदीप नारायण सिंह का धन्यवाद दिया।