वियतनाम, बांग्लादेश, श्रीलंका, म्यांमार जैसे देशों को रेल इंजनों का निर्यात करने वाला वाराणसी स्थित डीरेका अब संयुक्त अरब अमीरात को भी रेल इंजनों की आपूर्ति करेगा। एतिहाद रेल से डीरेका को अत्याधुनिक तकनीक के पांच रेल इंजनों के निर्माण के साथ ही अतिरिक्त कलपुर्जों की आपूर्ति के लिए क्रय आदेश मिल सकता है।
एतिहाद रेल (संयुक्त अरब अमीरात) के संपत्ति प्रबंधक निदेशक मंसूर आलम के नेतृत्व में आए एक प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को डीजल रेल इंजन कारखाने का भ्रमण किया। साथ ही महाप्रबंधक डीरेका रश्मि गोयल से मुलाकात की। वरिष्ठ इंजीनियर पावर सिस्टम मोहम्मद अब्दुल्ला अल शेहनी व वरिष्ठ प्रबंधक रोलिंग स्टॉक एंड्रीस पेट्रस लॉबशर भी प्रतिनिधिमंडल में शामिल रहे।
प्रतिनिधिमंडल ने महाप्रबंधक राइट्स देवाशीष त्रिपाठी मुख्य विपणन प्रबंधक, मुख्य यांत्रिक इंजीनियर उत्पादन तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विभिन्न कार्यशालाओं का भ्रमण किया। जहां उन्होंने इंजन उत्पादन की प्रक्रिया तथा उपलब्ध निर्माण सुविधाओं को देखा।
विभिन्न तकनीक विषयों पर संबंधित अधिकारियों से जानकारी प्राप्त की। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल के सदस्यगण अभिकल्प कार्यालय गए, जहां पर उन्होंने विभिन्न रेल इंजनों के अभिकल्प तथा विकास कार्यों को देखा।
11 देशों को 156 इंजनों का निर्यात
भ्रमण के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने डीरेका के अधिकारियों के साथ विभिन्न तकनीकी विषयों, एतिहाद रेल के लिए रेल इंजनों व अतिरिक्त पुर्जों के क्रय व रेलवे क्षेत्र में आपसी सहयोग पर भी बातचीत की। डीरेका में चल रही उत्पादन गतिविधियों, परियोजनाओं व भावी विकास योजनाओं की जानकारी प्राप्त की। डीरेका डीजल रेल इंजनों का एक प्रमुख निर्यातक है।
अब तक डीरेका ने 11 देशों को 156 डीजल रेल इंजनों का निर्यात किया है जिनमें तंजानिया, वियतनाम, बांग्लादेश, श्रीलंका, म्यांमार, सूडान, सेनेगल, अंगोला, मोजांबिक तथा मलेशिया शामिल है। हाल ही में डीरेका ने श्रीलंका को एक हाई हार्स पॉवर रेल इंजन का निर्यात किया है। डीरेका ने विगत वर्ष रेल इंजनों की बिक्री से 333 करोड़ का राजस्व प्राप्त किया। इस वर्ष भी 372 करोड़ का राजस्व प्राप्त होने का अनुमान है।