उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े चिकित्सा विश्वविद्यालय यानी KGMU के 18वें दीक्षांत समारोह में अधिकतर मेडल बेटियों के खाते में गए हैं। इनमें एमडी ऑब्स एंड गायनी डिपार्टमेंट की डॉ. शुभम सिंह को भी गोल्ड मेडल मिला है। उत्तरप्रदेश की रहने वाली डॉक्टर शुभम सिंह ने सरकारी डॉक्टर बनकर अपने माता-पिता के साथ-साथ अपने शहर वाराणसी का नाम भी रोशन किया है। डॉक्टर शुभम फिलहाल मिर्जापुर मेडिकल कॉलेज में सीनियर रेजिडेंट के पद पर तैनात हैं। डॉक्टर शुभम के मुताबिक वह KGMU के क्वीन मेरी अस्पताल में पीजी कर रही थीं और इस दौरान उन्हें बहुत कुछ सीखने को मिला। एमडी ऑब्स एंड गायनी डिपार्टमेंट की डॉ. शुभम सिंह को उनके काम के लिए गोल्ड मेडल भी मिला है।
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गंभीर मरीज को राहत में सबसे ज्यादा खुशी: डॉक्टर शुभम
डॉक्टर शुभम ने कहा कि एक डॉक्टर के रुप में सबसे ज्यादा खुशी तब मिलती हैं जब किसी गंभीर मरीज को राहत देने में कामयाबी हासिल होती हैं। उनके माता और पिता दोनों ही डॉक्टर हैं। यही कारण हैं कि वे कहती हैं कि परिवार में सभी को डॉक्टरी पेशे से जुड़ी जिम्मेदारी का अहसास हैं।