भाजपा दिव्यांग प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक एवं राज्य सलाहकार बोर्ड के सदस्य डॉ. उत्तर ओझा ने बताया कि काशी आने वाले श्रद्धालुओं की पहली प्राथमिकता बाबा विश्वनाथ के दर्शन और दूसरी गंगा स्नान होती है। उन्होंने कहा कि श्री काशी विश्वनाथ धाम पहले से ही दिव्यांग फ्रेंडली है, लेकिन गंगा घाटों पर ऐसी सुविधाओं का अभाव था। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने घाटों को दिव्यांगजन के अनुकूल बनाने की पहल की है।
उन्होंने बताया कि इस परियोजना के लिए सरकार ने 1.05 करोड़ रुपये जारी किए हैं। सबसे पहले अस्सी घाट पर रैंप का निर्माण कराया गया, जिसके बाद अब दशाश्वमेध और हरिश्चंद्र घाट पर भी कार्य तेजी से चल रहा है। उनका कहना है कि यह पहल केवल दिव्यांगजनों की सुविधा तक सीमित नहीं है, बल्कि काशी को सभी के लिए सुलभ और समावेशी धार्मिक एवं पर्यटन स्थल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को भी बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।