काशी में गंगा आरती की मनोरमता निहारने पहुंचने वाले देशी-विदेशी के पर्यटकों के लिए नए साल में दशाश्वमेध घाट पर बनने वाले दशाश्वमेध प्लाजा का निर्माण शुरू हो सकता है। दिसंबर के प्रथम सप्ताह में गंगा किनारे तैयार होने वाली इस परियोजना पर केंद्रीय टीम की बोर्ड बैठक में इस पर निर्णय लिया जाएगा। घाट स्थित विकास प्राधिकरण के अर्द्धनिर्मित संकुल पर प्रस्तावित प्लाजा के लिए 75 करोड़ रुपये खर्च किया जाएगा। पूरी तरह से वातानुकूलित टूरिस्ट प्लाजा में शहर की भौगोलिक स्थिति व आयोजन की गैलरी, सूचना कियास्क, लाइब्रेरी, कैफैटेरिया सहित अत्याधुनिक सुविधाएं होंगी।
दशाश्वमेध घाट किनारे 26 हजार वर्गफीट में प्रस्तावित प्लाजा को राष्ट्रीय स्मारक प्राधिकरण की अनुमति मिल गई है। 1997 में हाईकोर्ट के आदेश पर गंगा किनारे दो सौ मीटर पर किसी भी प्रकार के निर्माण पर रोक लगी है। लेकिन हाईकोर्ट ने 12 सदस्यीय एनएमसीजी कमेटी को जनहित में निर्णय लेने का अधिकार दिया है। इससे पहले केंद्र के करीब 10 से ज्यादा विभागों की संयुक्त टीम की बोर्ड बैठक में इस पर निर्णय लिया जाना है। इस परियोजना में गोदौलिया चौराहे से होकर ही दशाश्वमेध घाट तक पत्थरों की नक्काशीदार रेलिंग, पोल और खूबसूरत लाइटिंग के बीच चमचमाती चौड़ी सड़क होगी। यहां बता दें कि प्लाजा के लिए प्रस्तावित स्थल पर वीडीए का अर्द्धनिर्मित संकुल खड़ा है। यहां वीडीए ने पांच मंजिला कांप्लेक्स की योजना बनाई थी। मगर कई विवादों के चलते योजना खटाई में पड़ गई थी। वर्तमान में वीडीए वहां वाहन स्टैंड संचालित करता है। मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल ने बताया कि दशाश्वमेध प्लाजा के लिए विकास प्राधिकरण ने अपनी प्रस्तुतीकरण दिया है। मंत्रालय के निर्णय के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।