याचियों की ओर से अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि वीडीए ने 17 अप्रैल 2026 को नोटिस जारी किया था, जिसका जवाब 12 मई 2026 को दे दिया गया है। वहीं राज्य सरकार की ओर से मुख्य स्थायी अधिवक्ता ने तर्क दिया कि वीडीए मूल रिट याचिका में पक्षकार नहीं था और उसके खिलाफ कोई विशेष आदेश भी पारित नहीं हुआ था, इसलिए अवमानना का मामला नहीं बनता।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने कहा कि चूंकि याचियों ने वीडीए के नोटिस का जवाब दाखिल कर दिया है, इसलिए प्राधिकरण नियमानुसार उस पर विचार करते हुए अंतिम निर्णय ले। इसके साथ ही अदालत ने अवमानना याचिका निस्तारित कर दी।