जमानत पर छूटने के बाद भी सोनू अपनी करतूतों से बाज नहीं आया। उसके खिलाफ फिर पुलिस ने गुंडा एक्ट और मिनी गुंडा एक्ट की कार्रवाई की। इसके बाद पिछले साल फिर उसके खिलाफ अश्लील आचरण के आरोप में लक्सा थाने में ही मुकदमा दर्ज किया गया। सोनू की आदतों में सुधार न होते देख लक्सा थाने की पुलिस ने उसकी गतिविधियों की निगरानी के लिए उसकी हिस्ट्रीशीट खोली।
लगातार कार्रवाई के बावजूद सोनू के चाल-चलन में सुधार न आने से पुलिस भी हैरत में दिखी। लक्सा थाना प्रभारी ने बताया कि आरोपी सोनू के खिलाफ अश्लील आचरण, छेड़खानी और धमकाने के साथ ही पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। सोनू के खिलाफ अदालत में प्रभावी तरीके से पैरवी कर उसे कड़ी से कड़ी सजा दिलाएंगे।
थाने में काम करता है पिता, इस वजह से खाकी का खौफ नहीं
जद्दूमंडी के लोगों ने बताया कि सोनू का पिता काशीनाथ प्रजापति उर्फ नेऊर लक्सा थाने के मेस के साथ ही रोजमर्रा के अन्य कार्यों को भी बतौर मजदूर करता है। इस वजह से सोनू का थाने में आना-जाना लगा रहता था। यही एकमात्र कारण है कि वह पुलिस से नहीं डरता और मनमानी करता रहता है। सोनू को क्षेत्र के लोगों ने कई बार समझाया भी है, लेकिन वह सबको यहीं धौंस देता है कि जेल जाऊंगा और जमानत पर फिर बाहर आऊंगा। कोई कुछ कर नहीं पाएगा, इस वजह से अब उससे लोग कतराते हैं और उसके बचपन के दोस्त भी उससे बात नहीं करते हैं।
हम सब उससे दूर भागते हैं, सड़क पर इज्जत उछाल दिया
पीड़िता छात्रा की मां ने लक्सा थाने में कहा कि मनबढ़ सोनू की करतूतों से हमारा परिवार आजिज आ गया है। हम सभी उससे दूर भागते हैं, इसके बावजूद वह हमारी बच्ची के पीछे हाथ धोकर पड़ा हुआ है। आज तो उसने हमारी इज्जत ही सड़क पर उछाल दी। मेरी बेटी, हम और परिवार के लोग भला किसे, क्या मुंह दिखाएंगे। हमारी बेटी तो अच्छी-भली स्कूल जा रही थी। वह तो उसे देख कर रास्ता ही बदल देती है। क्या वह इतना ताकतवर है कि उसके अंदर कानून का थोड़ा सा भी भय नहीं है। ऐसे ही चलेगा तो सामान्य परिवार के लोग अपनी बहन-बेटियों की रक्षा भला कैसे करेंगे।
जेल से छूटा तो नहीं आता है घर, सो जाता है कहीं भी
सोनू के पिता काशीनाथ ने बताया कि वह उनके चार बेटों में दूसरे नंबर का है। बड़ा बेटा अलग रहता है, दो बेटे उसके साथ रहते हैं और पत्नी गुजर गई है। बीते साल फरवरी महीने में जेल से जमानत पर छूट कर सोनू बाहर आया तबसे वह घर नहीं आता है। उसका जहां मन करता है वहीं खाना खाता और फिर कहीं भी सो जाता है। बेटे की करतूत के बारे में सुन कर दुख होता है लेकिन हम क्या कर सकते हैं। काशीनाथ ने डबडबाई आंखों से कहा कि ऊपर वाले ने नियति में जो निर्धारित कर रखा है, उसको भुगत रहे हैं। अभी न जाने आगे क्या-क्या भुगतना है।