रेड क्रॉस सोसायटी की ओर से मण्डलायुक्त को भेंट की गई मशीन
- फोटो : अमर उजाला
वाराणसी जिले के कोविड अस्पतालों में भर्ती गंभीर मरीजों को अब ऑक्सीजन के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। ऐसे मरीजों को समय से ऑक्सीजन मिल सके इसके लिए हॉस्पिटलों में ऑक्सीजन हाईफ्लोहीटेड रेस्पिरेटरी ह्यूमिडिफायर मशीन दी गई है। मशीन के आने के बाद गंभीर मरीजों को तत्काल ऑक्सीजन देकर उनकी जान बचाई जा सकेगी।
कोरोना संक्रमित ऐसे मरीज जिनका ऑक्सीजन सेचुरेशन काफी कम होता है और उन्हें तुरंत आक्सीजन की जरूरत होती है, ऐसे मरीजों के इलाज में मशीन सहायक होगी। कमिश्नर दीपक अग्रवाल और जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा की पहल पर रेड क्रॉस सोसायटी की ओर से ऐसी दो मशीन दीनदयाल अस्पताल कोविड हॉस्पिटल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. बी शुक्ला को सौंपा गया है।
इसके अलावा कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने भी अपने स्तर से दो मशीन बीएचयू अस्पताल को दिलवाया है। जिलाधिकारी ने बताया कि कोविड हॉस्पिटल में भर्ती गंभीर मरीज जिनका अक्सीजन सैचुरेशन काफी कम होता है, अब हॉस्पिटल पहुंचते ही इस मशीन की मदद से हाई फ्लो ऑक्सीजन देकर उनकी जान बचाई जा सकती है।
बताया कि आगे भी जरूरत पड़ने पर गंभीर मरीजों के इलाज के लिए और भी मशीन मंगवाई जाएगी। रेड क्रॉस सोसायटी के सचिव और एडिशनल सीएमओ डॉ. संजय राय ने बताया कि ऐसे गंभीर मरीज जिनका ऑक्सीजन सेचुरेशन 90 या उससे काफी कम है।
इस मशीन की मदद से नेसल कैनुला को जोड़कर नाक के रास्ते 31 से 34 डिग्री सेंटीग्रेड तापमान पर 10 से 60 लीटर ऑक्सीजन प्रति मिनट की दर से और बच्चों में भी पीडियाट्रिक नेसल कैनुला की मदद से 2 से 10 लीटर ऑक्सीजन प्रति मिनट की दर से दिया जा सकता है। इस मशीन से हाई फ्लो ऑक्सीजन देने से मरीज का ऑक्सीजन सेचुरेशन 95 प्रतिशत से ऊपर मेंटेन हो जाता है।