अधिवक्ता दीपक कुमार गोंड और विनोद पटेल।
- फोटो : संवाद
पुलिस की आख्या में विरोधाभास
अदालत ने पत्रावली और उपलब्ध साक्ष्यों के अवलोकन के बाद चोलापुर थाने की पुलिस आख्या को विरोधाभासी पाया। आदेश में उल्लेख किया गया कि एक ओर रात में रोहित कुमार को पुलिस द्वारा ले जाने का तथ्य सामने आया, जबकि दूसरी ओर उसकी सुपुर्दगी से संबंधित दस्तावेज अथवा आवश्यक प्रविष्टि रिकॉर्ड में प्रस्तुत नहीं की गई।
इन परिस्थितियों को देखते हुए अदालत ने थाना प्रभारी चोलापुर को सुशीला देवी की तहरीर के आधार पर तत्काल एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया। साथ ही थाना प्रभारी को स्वयं विवेचना से अलग रखते हुए किसी अन्य स्वतंत्र राजपत्रित अधिकारी से निष्पक्ष जांच कराने को कहा। जांच की रिपोर्ट 15 दिन में न्यायालय में दाखिल करनी होगी।