एडिशनल सीएमओ डॉ जंग बहादुर की मौत के बाद उनके शव की जगह परिजनों को किसी और का शव दे दिया था। जबकि उनकी डेड बॉडी(लाश) बीएचयू मोर्चरी हाउस में पड़ी है।
आनन-फानन में तीन बजे एडिशनल सीएमओ की बॉडी परिजनों को दी गई। बीएचयू की इस लापरवाही को लेकर लोगों मे नाराजगी है।