गुजरे साल में कमिश्नरेट पुलिस ने अपराधियों पर नकेल कसी। 70 इनामी अपराधियों को जेल भेजा और 19 अपराधियों के पैर में पुलिस की गोली लगी है। साल 2023 के सापेक्ष अपराध का ग्राफ गिरा है। लूट में 27 प्रतिशत, हत्या में 15 प्रतिशत और डकैती में 300 फीसदी की कमी आई है। हालांकि हत्या के प्रयास मामले चार फीसदी बढ़े हैं।
साइबर अपराधियों के खिलाफ भी साइबर क्राइम थाना और साइबर सेल ने ताबड़तोड़ कार्रवाई की। साइबर क्राइम थाने की पुलिस ने विभिन्न राज्यों के 19 साइबर गिरोह के 80 अपराधियों को जेल भिजवाया। 5 करोड़ 79 लाख 68 हजार रिफंड कराए। साइबर सेल ने 5531 मोबाइल नंबर को ब्लाक और सोशल मीडिया पर 81 फेक आईडी बंद कराई है।
पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने बताया कि साल 2022 में 45 हत्या, 2023 में 41 और 2024 में 35 हत्याएं हुईं। लूट के मामले में 27 फीसदी कमी है। साल 2022 में 24, 2023 में 22 और 2024 में 16 लूट की घटनाएं हुई हैं। डकैती 2022 और 2024 में शून्य है। जबकि 2023 में 3 डकैती है। 2024 में हत्या का प्रयास 28, 2023 में 27 और 2022 में 13 है। वाहन चोरी, साधारण चोरी और नकबजनी भी पिछले दो साल के मुकाबले कम है। वहीं, दर्ज आपराधिक मुकदमे में वृद्धि है।
13 अनसुलझे केस को क्राइम ब्रांच ने सुलझाया
आठ साल की मासूम के साथ दुष्कर्म के प्रयास के बाद हत्या हो या फिर पान विक्रेता की गोली मारकर हत्या समेत अन्य उलझी हुई गुत्थी सुलझाने में एसओजी पास रही। एसओजी प्रभारी मनीष मिश्रा की टीम ने नदेसर में किशोरी की हत्या कर शव पानी की टंकी में छिपाने के मामले को उजागर किया। आरोपी पड़ोसी को गिरफ्तार किया। मादक पदार्थों की तस्करी के मामले में भी तस्करों की कमर तोड़ी। 13 ऐसे अनसुलझे मामलों को क्राइम ब्रांच ने सुलझाया।
एक लाख के दो, 25 हजार के 38 इनामी हुए गिरफ्तार
पुलिस आयुक्त के अनुसार 70 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। इसमें एक लाख के दो इनामी, 50 हजार के एक, 25 हजार के 38 इनामी, 20 हजार के छह, 10 हजार के सात और पांच हजार के 16 इनामी जेल गए। 66 हिस्ट्रीशीटरों की हिस्ट्रीशीट खुली व 3 नए गैंग के 9 अपराधी पंजीकृत हुए।
1692 महिलाओं को मिला न्याय, दुष्कर्म मामले में 78 को सजा
महिलाएं अब आवाज उठाने लगी हैं। इस साल 1692 महिलाएं हक की लड़ाई जीतने में कामयाब हुईं। दुष्कर्म मामले में 78 और पॉक्सो एक्ट में 71 अभियुक्तों को सजा दी गई। वहीं अपहरण के मामलों में 109 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।
महिला संबंधी अभियोगों में कुल 258 अभियुक्तों की गिरफ्तारी हुई। वहीं महिला उत्पीड़न सम्बंधित और छेड़खानी के मामलों में 566 अभियुक्तों के विरुद्ध कार्रवाई की गई। एडीसीपी कार्यालय में हर दिन 40 से 50 महिलाओं की शिकायतें सुनी गईं और मामलों का निस्तारण किया गया। 509 गुमशुदा महिलाओं को बरामद किया गया। वहीं मिशन शक्ति के तहत महिला संबंधित अपराधों में 133 मामलों का निस्तारण किया गया।
एडीसीपी महिला अपराध ममता रानी ने बताया कि हमारा प्रयास रहता है कि हर महिला को न्याय मिले। इस साल महिलाओं की हर शिकायत को गंभीरता लेते हुए उस पर कार्रवाई गई।