इसके बाद तो फर्मों ने लाट की जगह खोदाई कर गंगा की तलहटी से बालू निकालना शुरू कर दिया था। अलग-अलग घनमीटर के बालू उठान वाली फर्मों ने कई फीट गहरी खोदाई कर दी। अवैध खनन में बिना रायल्टी के पट्टाधारकों ने मनमाने तरीके से गंगा किनारे दस-दस फीट से अधिक गहरे गड्ढे बना दिए हैं।
दिन रात चले इस अवैध खनन में किसी भी विभाग और अधिकारी ने निगरानी करने की जहमत तक नहीं उठाई। मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल ने बताया कि खनन विभाग से समस्त पत्रावलियां तलब कर ली गई हैं। पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और जो भी दोषी होगा उस पर कार्रवाई होगी।
खनन अधिकारी पहुंचे तो मौके से निकल गए लोग
रामनगर के कोदोपुर स्थित गंगा बालू उठान वाले स्थल पर अवैध खनन की शिकायत पर जांच करने अधिकारियों के पहुंचने की खबर मिलते ही खनन करने वाले लोग यहां से भाग निकले। जिला खनन अधिकारी परिजात त्रिपाठी पुलिस के साथ यहां पहुंचे थे। मौके पर जेसीबी, ट्रैक्टर के अलावा कोई मजदूर नहीं मिला। घाटों पर खनन की शिकायत लंबे समय से मिलने के बाद ही अधिकारी अब सक्रिय हो गए हैं।