वाराणसी। पर्यावरण की सेहत सुधारने को लेकर संभागीय परिवहन प्राधिकरण ने बड़ा कदम उठाया है। अब 31 मार्च के बाद शहर में सिर्फ सीएनजी ऑटो के ही संचालन की अनुमति होगी। पेट्रोल से चलने वाले ऑटो शहर में नहीं चलेंगे।
आयुक्त सभागार में बृहस्पतिवार को हुई बैठक के दौरान कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने वाराणसी के शहर व ग्रामीण क्षेत्रों के छह माह में सभी ऑटो को सीएनजी में बदलवाने का निर्देश दिया। ऑटो में सीएनजी के कलर कोट निर्धारित हैं। उसके लिए अब केवल नीली पट्टी पेंट करानी होगी। ऑटो में सीएनजी इंजन लगाने के लिए आरटीओ और गेल इंडिया अधिकारियों को निर्देश दिया है। इसके साथ ही कमिश्नर ने पहले चरण में करीब 50 बसों को भी सीएनजी में बदलवाने के लिए निर्देशित किया है।
ट्रकों के ओवरलोडिंग से सड़कों को खराब होने को गंभीरता से लेते हुए ओवरलोडिंग की जांच और ओवरलोड ट्रक पर 50 हजार रुपये जुर्माना करने का सर्वसम्मति से निर्णय हुआ। पहले ओवरलोडिंग वाहनों पर 10 हजार रुपये जुर्माने का प्रावधान था।
मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल ने शहर में प्रेशर हॉर्न वाले वाहन को पकड़ने और इसकी बिक्री करने वाली दुकानों पर कार्रवाई का निर्देश दिया। कमिश्नर ने कहा कि ई-रिक्शा शहर में आड़े तिरछे खड़े होते हैं, इन्हें पंक्तिबद्ध तरीके से खड़े कराएं। बैठक में नए प्राइवेट मार्गों पर 200 से अधिक परमिट बसों के स्वीकृत का निर्णय हुआ। बैठक में आरटीओ हरीशंकर सिंह, एआरटीओ सर्वेश चतुर्वेदी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
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55 फीसदी सस्ती है सीएनजी
गेल के मुख्य प्रबंधक मार्केटिंग सुरेश तिवारी ने बताया कि इस समय वाराणसी में 10 सीएनजी स्टेशन चल रहे हैं, जिनकी क्षमता एक लाख किलो सीएनजी प्रतिदिन से अधिक की है। पेट्रोल 89.66 रुपये प्रति लीटर और डीजल 82.33 रुपये प्रति लीटर है। दूसरी तरफ सीएनजी की कीमत 57.50 रुपये प्रति किलोग्राम है। ऐसे में डीजल की तुलना में सीएनजी लगभग 42 प्रतिशत सस्ती है और पेट्रोल की तुलना में 55 प्रतिशत सस्ती है।