फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

संस्कृत का उच्चारण करने वाला किसी भी भाषा का कर सकता है उच्चारण

विज्ञापन
विज्ञापन
वाराणसी। संस्कृत भारती के अखिल भारतीय संगठन मंत्री दिनेश कामत ने कहा कि जो व्यक्ति संस्कृत का उच्चारण कर सकता है वह किसी भी भाषा का सही और स्पष्ट उच्चारण कर सकता है। संस्कृत पूर्णत: वैज्ञानिक भाषा है। इसकी वर्णमाला सिर्फ भाषा का उच्चारण मात्र नहीं है बल्कि उसका अपना उच्चारण शास्त्र है। वह बृहस्पतिवार को संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के तत्वावधान में वेद विज्ञान व्याख्यानमाला के तहत वैज्ञानिकी भाषा संस्कृतम विषय पर संबोधित कर रहे थे।
विज्ञापन

उन्होंने कहा कि कठिन से कठिन संस्कृत बोलना बहुत ही आसान है। वर्तमान समाज में व्याप्त विरूपता का सबसे बड़ा कारण भारतीय संस्कृति को छोड़ना है। विभिन्न राज्यों के बीच सांस्कृतिक एकता संस्कृत के कारण है। शिक्षा मनुष्य को मनुष्य बनाने के लिये होनी चाहिए। अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. राजाराम शुक्ल ने कहा कि भारत की ज्ञान परंपरा सदियों पुरानी है। वर्तमान परिवेश में नैतिक शिक्षा और मूल्य आधारित शिक्षा का समावेश अनिवार्य रूप से किया जाना चाहिए। स्वागत संकायाध्यक्ष प्रो. महेंद्र नाथ पांडेय और धन्यवाद ज्ञापन एवं संचालन डॉ. सत्येंद्र कुमार यादव ने किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें