छात्र नेताओं की मांग है कि कोविड-19 के संक्रमण को देखते हुए इस बार विद्यार्थियों को बिना परीक्षा दिए ही प्रमोट कर दिया जाए। छात्र नेताओं ने कहा कि कोरोना संक्रमण जिस तरीके से शहर में फैल रहा है, ऐसे में जुलाई में परीक्षाओं को शुरू कराने का यह फैसला बिल्कुल गलत है। विश्वविद्यालय में कोरोना संक्रमण के चलते पिछले दो माह से कोई भी कक्षाएं नहीं चली है और न ही ऑनलाइन कक्षाएं ढंग से चलाई गई हैं। ऐसे में विद्यार्थी बिना क्लास किए कैसे परीक्षाओं को दे पाएंगे।
छात्र नेताओं ने कहा कि लॉकडाउन के चलते कई ऐसे विद्यार्थी हैं जो हॉस्टल छोड़कर अपने घर चले गए हैं और तीन माह से हॉस्टल में नहीं हैं। ऐसे सभी विद्यार्थियों के तीन महीने के हॉस्टल फीस भी माफ की जाए। छात्र नेताओं ने कहा हमारी बस यही मांग है कि कोरोना संक्रमण को देखते हुए सभी कक्षाओं के विद्यार्थयों को उनकी पिछली वरीयता के अनुसार पास कर दिया जाए। इस दौरान छात्रसंघ अध्यक्ष संदीप यादव, राहुल सोनकर, अनिल यादव, शुभम यादव, अंबिका प्रसाद, मयंक यादव, गौतम कुमार, रोहित सैनी, दीपक जायसवाल आदि मौजूद रहे।