वाराणसी के सेंट्रल जेल में सजा काट रहे कैदी अपना पेट्रोल पंप चलाएंगे। इसके लिए प्रस्ताव लखनऊ भेजा गया है। शासन स्तर से हरी झंडी मिलते ही पेट्रोल पंप के लिए निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।
वाराणसी के शिवपुर स्थित सेंट्रल जेल के सजायाफ्ता कैदी जल्द ही अपना पेट्रोल पंप संचालित करेंगे। प्रदेश में कारागार सुधार की कवायदों की तहत यह अनूठी पहल होगी। इसके लिए कारागार प्रशासन ने सेंट्रल जेल के सामने जमीन चिह्नित कर हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड से बातचीत की है।
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लखनऊ भेजा गया प्रस्ताव
सेंट्रल जेल के वरिष्ठ अधीक्षक राधा कृष्ण मिश्र ने बताया कि पेट्रोल पंप के संचालन के लिए प्रस्ताव कारागार प्रशासन के लखनऊ स्थित मुख्यालय भेजा गया है। शासन स्तर से हरी झंडी मिलते ही पेट्रोल पंप के लिए निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।
147 साल पुरानी जेल में 2295 कैदी काट रहे सजा
शिवपुर में सेंट्रल जेल की स्थापना वर्ष 1877 में की गई थी। 147 साल पुरानी इस जेल की क्षमता 2050 कैदियों की है। मौजूदा समय में यहां 2295 कैदी अलग-अलग अपराधों की सजा काट रहे हैं। सजायाफ्ता कैदी बड़े पैमाने पर सब्जियां उगाने के साथ ही वेकरी उद्योग संचालित करते हैं।
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इसके साथ ही कढ़ाई-बुनाई के अलावा कैदियों के द्वारा जेल में फर्नीचर और स्टील की आलमारी जैसे उत्पाद भी तैयार किए जाते हैं। अब जेल प्रशासन ने अपने कर्मियों की निगरानी में कैदियों के द्वारा पेट्रोल पंप के संचालन की कार्ययोजना तैयार की है।