वाराणसी जिले में रंगदारी के 12 साल पुराने मामले में हिस्ट्रीशीटर ने कोर्ट में समर्पण किया। कोतवाली थाने में उसके खिलाफ वर्ष 2012 में यह मुकदमा दर्ज किया गया था। उस पर कुल 34 मुकदमे दर्ज हैं।
वाराणसी जिले के कैंट थाने के हिस्ट्रीशीटर और खजुरी पांडेयपुर निवासी अभिषेक सिंह उर्फ हनी ने एसीजेएम-द्वितीय की अदालत में रंगदारी मांगने के 12 साल पुराने मामले में समर्पण कर दिया। अदालत ने उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया।
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ये है पूरा मामला
मध्यमेश्वर के श्रवण कुमार जायसवाल ने वर्ष 2012 में अभिषेक सिंह के खिलाफ कोतवाली थाने में रंगदारी मांगने के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया था। इस मुकदमे में अभिषेक जमानत पर था। इसी बीच अदालत ने उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिया। वह अपने अधिवक्ता के माध्यम से अदालत में पेश होकर वारंट निरस्तीकरण का प्रार्थना पत्र देने गया था। अदालत ने वारंट निरस्तीकरण के प्रार्थना पत्र को खारिज कर अभिषेक को जेल भेज दिया।
अभिषेक सिंह उर्फ हनी के खिलाफ पहला मुकदमा रंगदारी मांगने के आरोप में कैंट थाने में वर्ष 2008 में दर्ज किया गया था। तब से लेकर वर्ष 2021 के बीच रंगदारी के अलावा हत्या, हत्या के प्रयास, गैंगस्टर एक्ट और आर्म्स एक्ट के आरोप में उसके खिलाफ 34 मुकदमे दर्ज किए गए।