गंगा में जल परिवहन के नए युग की शुरुआत हो गई है। पश्चिम बंगाल में कोलकाता के नजदीक हल्दिया से चला मालवाहक जलपोत सोमवार को रामनगर में पहुंच जाएगा। रविवार की शाम उसने बलुआ घाट (चंदौली) पर बन रहे पुल के करीब लंगर डाल दिया है। हल्दिया से ही चला दूसरा जलपोत भी गाजीपुर के करीब पहुंच गया है। उसके भी जल्द वाराणसी पहुंचने की संभावना है। दोनों मालवाहक जलपोत जुलाई के अंतिम सप्ताह में मारुति कार और सीमेंट लाद कर एक ही दिन हल्दिया लौट जाएंगे। एक जलपोत की क्षमता 300 टन और दूसरे की क्षमता 800 टन बताई जा रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इलाहाबाद-हल्दिया जलपरिवहन प्रोजेक्ट का उद्घाटन कराने के लिए इनलैंड वाटरवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया (आईडब्ल्यूएआई) पीएमओ से लगातार संपर्क बनाए हुए हैं। मारुति कंपनी और सीमेंट बनाने वाली एक कंपनी के साथ आईडब्ल्यूएआई का एमओयू हो गया है। पहली बार जलपोत से हल्दिया जाने वाली मारुति की संख्या 30 से 50 के बीच बताई जा रही है।
उधर, जलपोत में माल चढ़ाने के लिए रामनगर में रैंप बनाने का कार्य अंतिम दौर में है। वहीं एफकॉन कंपनी को मल्टी मॉडल टर्मिनल बनाने के लिए जमीन हैंडओवर कर दी गई है। बता दें कि इलाहाबाद से हल्दिया तक 1620 किलोमीटर जलमार्ग का विकास आईडब्ल्यूएआई कर रहा है। इसका अनुमानित खर्च 4200 करोड़ है। विश्व बैंक इसके लिए फंडिंग कर रहा है।