उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम वाराणसी परिक्षेत्र का अंतरराज्यीय कैंट बस अड्डा अत्याधुनिक बनाया जाएगा। पूर्वांचल का ऐसा पहला बस अड्डा होगा, जहां एक साथ 1000 बसें खड़ी हो सकेंगी। बस अड्डे का विस्तार होना है। क्षेत्रीय कार्यशाला और काशी डिपो का कार्यशाला हरहुआ स्थित वाजिदपुर में शिफ्ट होने के बाद बस अड्डे का कायाकल्प होना है। लोकसभा चुनाव बाद कागजी प्रक्रिया पर मुहर लगेगी। मुख्यालय स्तर से हरी झंडी मिल चुकी है।
कैंट रोडवेज बस स्टेशन से काठमांडो, नई दिल्ली, आगरा, कानपुर, लखनऊ, गोरखपुर समेत पूर्वांचल भर में बस सेवाएं हैं। सिटी और रोडवेज की बसें कैंट स्टेशन से ही संचालित होती हैं। यहां से रोजाना 10 से 15 हजार यात्रियों का आवागमन होता है। ऐसे में यात्रियों को अत्याधुनिक सुविधाएं मुहैया कराए जाने पर परिवहन निगम का जोर है।
रोडवेज अधिकारियों ने बताया कि यात्रियों के लिए वातानुकूलित लाउंज, सामान्य यात्री हाल, खानपान के स्टाॅल, कैंटीन, अमानती घर, टिकट और पूछताछ केंद्र को भी अत्याधुनिक बनाया जाएगा। अब तक यह सुविधाएं नाकाफी साबित हो रही हैं। बस स्टेशन पर जगह की कमी के चलते कई बसें गेट के पास सड़क पर खड़ी होती हैं। कभी-कभी जाम की स्थिति बनती है।