फ्रांसीसी पर्यटकों का एक दल मिर्जापुर के लखनिया दरी में भ्रमण पर गया था। इस दल में चार महिलाएं थीं। इस दौरान करीब आठ शोहदों ने पहले फ्रांसीसी महिलाओं पर फब्तियां कसना शुरू कर दिया। देखते ही देखते ही वे छेड़खानी और मारपीट पर उतारू हो गए। लेकिन, वहां मौजूद इन तीन बहनों रिया दत्ता, मिली दत्ता और तान्या दत्ता को यह गंवारा नहीं हुआ कि फ्रांसीसी दल खराब अनुभव लेकर अपने देश को जाए।
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घटना के देखते हुए तीनों बहनें शोहदों से भिड़ गईं। नतीजतन, शोहदों को वहां से उल्टे पांव लौटना पड़ा। मामला पुलिस की जानकारी में आने पर एफआईआर दर्ज की गई। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने भी यूपी सरकार से घटना के बाबत रिपोर्ट तलब की थी। इससे स्थानीय पुलिस और प्रशासन में भी खलबली मच गई। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
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वहीं, फ्रांसीसी दल को दत्ता परिवार की तीन लड़कियों के बचाने से पूरी दुनिया में अच्छा संदेश गया। महिला कल्याण मंत्री रीता बहुगुणा जोशी ने बताया कि इन तीनों साहसी बालिकाओं को 8 मार्च को राजधानी में आयोजित होने वाले भव्य समारोह में सम्मानित किया जाएगा।
उन्हें कार्यक्रम में शरीक होने के लिए औपचारिक निमंत्रण भी सरकार की ओर से भेजा जाएगा। बता दें कि केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री अनुप्रिया पटेल 17 दिसंबर को ‘अमर उजाला’ की ओर से तीनों बहनों को रानी लक्ष्मीबाई का स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित कर चुकी हैं।