बनारस में सपा की जिला पंचायत अध्यक्ष अपराजिता सोनकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने वाले भाजपा के ‘बत्तीसमार’ जिला पंचायत सदस्यों का प्रबंध करने में फेल हो गए। पार्टी के बडे़ नेता मानते हैं कि इसके लिए कोई तैयारी नहीं की गई थी।
सूत्रों के मुताबिक पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने इस मुद्दे पर बिना पुख्ता तैयारी के आगे बढ़ने से मना किया था। कहा गया था कि जब सिंबल पर चुनाव नहीं होता तो सदस्यों पर भरोसा करना ठीक नहीं है।
अध्यक्ष पद पर भाजपा सदस्य को पदारूढ़ कराने के लिए भाजपा जिलाध्यक्ष हंसराज विश्वकर्मा, पिंडरा विधायक डॉ. अवधेश सिंह, सैयदराजा विधायक सुशील सिंह, उनके छोटे भाई पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष सुजीत सिंह ने 21 जून को डीएम योगेश्वर राम मिश्र से मुलाकात कर जिला पंचायत के सदन की बैठक बुलाने का आग्रह करने के साथ ही दावा किया था कि उनके पास 32 सदस्यों का समर्थन है। विश्वकर्मा गुरुवार तक दावा कर रहे थे कि शुक्रवार को मतदान के बाद सपा की जमीन खिसक जाएगी।
शुक्रवार को विश्वकर्मा के स्वर बदले हुए थे। कहा- अजगरा विधायक कैलाश सोनकर को छह सदस्य लाने की जिम्मेदारी दी गई थी। वह एक भी सदस्य तो लाए ही नहीं, मोबाइल स्विच ऑफ भी कर लिया।
उधर, सोनकर ने कहा कि अविश्वास प्रस्ताव लाने वाले दोनों विधायकों ने दावा किया था कि उनके पास 32 सदस्य हैं। सभी पदाधिकारियों और विधायकों को इसकी जानकारी देकर समय से लगाया गया होता तो ऐसी स्थिति नहीं होती। उन्होंने कहा, जिला पंचायत के छह सदस्य लाने के लिए उनसे किसी ने भी नहीं कहा था।
ये थे भाजपा के पैरोकार
जिलाध्यक्ष हंसराज विश्वकर्मा, विधायक डॉ. अवधेश सिंह, विधायक सुशील सिंह, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष सुजीत सिंह, प्रभात सिंह और अमित सोनकर।