वाराणसी जिला पंचायत में पहली बार किसी दल की ओर से लाया गया अविश्वास प्रस्ताव गिर गया। सपा की जीत में अपराजिता सोनकर की छवि काम आई।
कपसेठी हाउस और अमित सोनकर बनाम इंजीनियर अपराजिता की छवि ही थी कि उनकेे समर्थन में सपा सदस्य तो एकजुट हुए ही बसपा भी उनके साथ थी। अपना दल की कृष्णा पटेल ने भी अपराजिता को बुलाकर समर्थन दिया था। उनकी पार्टी का एक सदस्य सपा के साथ था।
अविश्वास प्रस्ताव गिरने के बाद अपराजिता सोनकर जब पंचायत भवन स्थित अपने चैंबर में पहुंची तो बेहद खुश थीं। आभार जताते हुए पंचायत सदस्यों और पार्टी नेताओं से कहा कि भाइयों ने रक्षाबंधन के पहले ही बहन को गिफ्ट दे दिया।
शाबाश अपराजिता, ये बिहार नहीं, बनारस है
वाराणसी जिला पंचायत की कुर्सी पर बरकरार रखने के बाद शुक्रवार को पूरे दिन अपराजिता सोनकर सोशल मीडिया में छा गईं। सपा नेताओं ने तो जिला पंचायत की जीत को बिहार से जोड़ते हुए व्यंग्य किए।
दर्जा प्राप्त पूर्व मंत्री मनोज राय धूपचंडी ने लिखा ‘शाबाश अपराजिता और आपके जांबाज साथी। ये बिहार नहीं बनारस है’। जिलाध्यक्ष डॉ. पीयूष यादव ने लिखा कि सपा ने दुश्मनों को धूल चटा दी है। न तो पुलिस और न ही नोटों की गड्डियां सपा सदस्यों को डिगा सकीं।
आनंद मोहन यादव गुड्ड ने लिखा कि जिला पंचायत में सपा की विजय बरकरार, अविश्वास प्रस्ताव औंधे मुंह गिरा। अखिलेश यादव जिंदाबाद। महानगर अध्यक्ष राजकुमार जायसवाल ने टिप्पणी की- बधाई हो अपराजिता, अंतत: नहीं कर सके तुमको पराजित।