आकाश तीन बहनों में अकेला भाई था। परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक करने के साथ ही बहनों की शादी की जिम्मेदारी भी संभालना चाहता था। सेना भर्ती के लिए कड़ी मेहनत कर रहा था। परिजनों ने बताया कि रोज साइकिल से सुभाष इंटर कॉलेज के खेल मैदान चौबेपुर आता था और यहां से तैयारी करने वाले अन्य युवकों के साथ दौड़ लगाता था। साथियों ने बताया कि उसकी दौड़ अच्छी थी और वह भर्ती हो जाता।
आकाश के पिता कमल निषाद रोजगार की तलाश में दुबई गए हैं। मौत की सूचना मिलते ही फफक पड़े। तीनों बहनों का रो-रोकर हाल बेहाल है। ग्रामीणों ने बताया कि आकाश मिलनसार था। वाराणसी-गाजीपुर हाईवे पर तेज चल रहे डंपर के चलते पहले भी घटनाएं हो चुकी हैं। पिछले महीने रामपुर चंद्रावती के युवक की डंपर से टक्कर में मौत हो गई थी। वह भी सेना भर्ती की तैयारी कर रहा था। उमरहां, डुबकियां बाजार में भी डंपर के कुचलने से मौत हो चुकी है।