दिसंबर 2018 तक रामनगर के मल्टी मॉडल टर्मिनल के बनकर तैयार होने के बाद इनलैंड वाटरवेज अथारिटी ऑफ इंडिया (आईडब्ल्यूएआई) का फोकस वहां ‘फ्रेट विलेज’ विकसित करने पर होगा। विश्व बैंक की सलाह पर आईडब्ल्यूएआई ने इसकी रूपरेखा बनाई है।
यूरोप की तर्ज पर इसे विकसित किया जाएगा। इसके लिए टर्मिनल के आसपास जमीन अधिग्रहण की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। ‘फ्रेट विलेज’ में जल, सड़क और रेल कनेक्टिविटी के साथ पैकिंग और स्टोरेज सहित माल ढुलाई से जुड़ी सभी सुविधाएं होंगी।
नदेसर स्थित एक होटल में जल परिवहन पर आयोजित तीन दिनी कार्यशाला के आखिरी दिन बुधवार को मंथन का केंद्र ‘फ्रेट विलेज’ रहा। 4200 करोड़ की जल परिवहन योजना की फंडिंग कर रहे विश्व बैंक ने इसके लिए सुझाव दिया था।
उसी आधार पर रामनगर में बन रहे मल्टी मॉडल टर्मिनल के आसपास फ्रेट से जुड़ी सभी सुविधाएं एक ही जगह मुहैया कराने की योजना बनाई जा रही है। फ्रेट विलेज में वेयर हाउसेज, कोल्ड स्टोरेज, पैकेजिंग यूनिट सहित माल ढुलाई के लिहाज से जरूरी सभी सुविधाएं होंगी।
इसके लिए एक कंसल्टेंसी नियुक्त की जाएगी, जो डेढ़ साल में अपनी रिपोर्ट देगी। टर्मिनल बनने के बाद दूसरे फेज में फ्रेट विलेज का काम कराया जाएगा। टर्मिनल को राष्ट्रीय राजमार्ग-2 और सात से जोड़ा जाएगा।
बैठक में वर्ल्ड बैंक के अर्नब बंदोपाध्याय और बर्नार्ड अरितुआ, वहीं आईडब्ल्यूएआई के सदस्य परिचालन श्रीकांत महियारिया, कैप्टन आईवी सोलंकी, डीएफसीसीआई एके सिंह, एके राय और एसबी सिंह मौजूद रहे। जिला प्रशासन, पर्यटन, उद्योग और व्यापार से जुड़े प्रतिनिधियों ने कार्यशाला में भागीदारी की।