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चौक थाने के पीछे दुकान में घुसकर झोला कारोबारी की गोली मारकर हत्या

Tue, 29 Aug 2017 02:25 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
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गुल थी बिजली और हो रही थी बारिश तभी हुई तीन राउंड फायरिंग - फोटो : अमर उजाला
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चौक थाने के पीछे राजादरवाजा में सोमवार की रात झोले के होलसेल कारोबारी मोहन निगम (50) की दुकान में घुसे बदमाशों ने गोली मार उनकी हत्या कर दी। मोहन को मंडलीय अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
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घटनास्थल से .32 बोर पिस्टल के दो खोखे बरामद किए गए हैं। सूचना पाकर पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस मोहन और उनके भाई के बीच संपत्ति बंटवारे के विवाद और उनके साले सुनील से मांगी गई रंगदारी के मामले में किए गए हस्तक्षेप को वजह मानकर जांच में जुटी है।

वहीं, इलाकाई लोगों के अनुसार फायरिंग के बाद दो लोग पैदल ही मोहन की दुकान की बगल की गली से तेजी से भागते हुए देखे गए हैं। हड़हा निवासी मोहन निगम की राजादरवाजा में झोले की होलसेल की दुकान है। सोमवार रात 8:30 बजे के लगभग मोहन अपनी दुकान पर अकेले बैठे थे और उनका स्टाफ हुकुलगंज निवासी अरविंद दवा लेने गया हुआ था।
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इस दौरान इलाके की बिजली गुल होने और बारिश होने के कारण आसपास की ज्यादातर दुकानें बंद हो गईं थी। इलाकाई लोगों की शिकायत पर विद्युत विभाग के कर्मी बिजली बनाने पहुंचे थे। बताया जाता है कि इसी दौरान तीन राउंड लगातार फायरिंग हुई तो बिजलीकर्मी सहित अन्य लोग भाग निकले।

सूचना पाकर मोहन के बगल में ही झोले की दूकान के मालिक उनके बड़े भाई रामचंद्र निगम घर से आए। मोहन की कनपटी में बाएं तरफ, नाक पर और दाएं हाथ में गोली बेहद करीब से मारी गई थी। मंडलीय अस्पताल में डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया तो परिवारीजन मोहन को मलदहिया स्थित एक निजी अस्पताल ले गए। वहां भी डॉक्टरों ने मौत की पुष्टि कर दी तो शव को वापस मंडलीय अस्पताल ले जाया गया।

रामचंद्र ने बताया कि आठ महीने पहले मोहन के साले झोला कारोबारी सुनील निगम से दस लाख रुपये की रंगदारी मांगकर राजादरवाजा स्थित उसकी दूकान पर फायरिंग की गई थी और बम फेंका गया था। इस मामले में मोहन ने बीचबचाव किया था।

आशंका है कि इसी से खार खाए बदमाशों ने मोहन को गोली मारी होगी। सूचना पाकर आईजी रेंज दीपक रतन, एसपी सिटी और सीओ चेतगंज सत्येंद्र तिवारी मंडलीय अस्पताल पहुंचे।

वहीं, सीओ दशाश्वमेध स्नेहा तिवारी, सीओ कोतवाली एपी सिंह और इंस्पेक्टर चौक घटनास्थल पर पहुंचे। एसपी सिटी दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि मोहन के बेटे गौरव और साले सुनील ने बताया है कि संपत्ति बंटवारे को लेकर मोहन और उनके भाई के बीच विवाद था।

इसे लेकर कई बार पंचायत भी हुई थी। रंगदारी से भी जुड़ा एक पहलू है। तीन टीमेें लगाई गई हैं और क्षेत्र के पांच संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
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