थाना प्रभारी पंकज त्रिपाठी ने बताया कि दोनों बांग्लादेश के चपाय नवाबगंज के निवासी हैं। पुलिस ने उनके पास से एक जोड़ी चांदी के पायल और चेन बरामद की है। इनके पास से 4000 रुपये भी मिले हैं। पुलिस को दो लोहे की सब्बल और पेचकस भी मिले हैं, जिनका उपयोग ताला तोड़ने के लिए किया जाता था।
आरोपियों के पास से दो एंड्रॉयड और कीपैड मोबाइल फोन के साथ बांग्लादेशी पासपोर्ट भी बरामद हुए हैं। आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे भारत घूमने के उद्देश्य से आए थे। पैसे खत्म होने और कोई रोजगार न मिलने के कारण उन्होंने चोरी का रास्ता चुना। आरोपियों ने बताया कि वह दिन में रेकी करते थे।
रात में ताला तोड़कर चोरी की घटनाओं को अंजाम देते थे। उन्होंने 19 अक्तूबर 2026 को अमनपुरी कॉलोनी में एक घर का ताला तोड़कर चोरी की थी। चोरी किए गए कुछ गहनों को बेच चुके हैं। दोनों को न्यायालय के समक्ष पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया।
सामान चोरी हुआ तो खुद शुरू की चोरी
दोनों बीते 25 सितंबर को बांग्लादेश से कोलकता आए, इसके बाद वाराणसी पहुंचे। वाराणसी में मोहम्मद शफीकुल इस्लाम उर्फ मुन्ना का सामान चोरी हो गया।पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि सामान चोरी होने के बाद उसके पास कोई रास्ता नहीं था। पैसे भी नहीं थे। ऐसे में वह सारनाथ के फरीदपुर पहुंचा और दोनों ने मिलकर चोरी की। पुलिस को गुमराह करने के लिए दोनों ने बताया कि इलाज के सिलसिले में वह भारत आए थे। आरोपियों के पकड़े जाने से सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हुईं। एटीएस समेत अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने पूछताछ की।
26 सिंतबर को आए कोलकाता दोनों बीते 25 सितंबर को बांग्लादेश से कोलकता आए यहां से वाराणसी पहुंचे। वाराणसी में मोहम्मद शफीकुल इस्लाम उर्फ मुन्ना का सामान चोरी हो गया। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि सामान चोरी होने के बाद उसके पास कोई रास्ता नहीं था। पैसे भी नहीं थे। ऐसे में वह सारनाथ के फरीदपुर पहुंचा और यहां दोनों ने मिलकर चोरी की। पुलिस को गुमराह करने के लिए दोनों ने बताया कि इलाज के सिलसिले में वह भारत आए थे। आरोपियों के पकड़े जाने से सुरक्षा एजेंसिया सक्रिय हुई। एटीएस समेत अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने पूछताछ की।
बांग्लादेशी खबर में जोड़शासन के निर्देश पर पुलिस कर चुकी है सत्यापन कुछ महीने पर शासन के निर्देश पर पुलिस ने बांग्लादेशियों व रोहंगियों के खिलाफ अभियान चलाया था। इस दौरान सत्यापन का काम हुआ था। जो संदिग्ध मिले उनकी जांच कराई गई। शहर में बड़े पैमाने पर कूड़ा बीनने वालों की संख्या है। उनका पुलिस के पास कुछ रिकॉर्ड नहीं है। देर रात शहर में इनको सड़कों पर देखा जा सकता है। ये कहां से हैं कब से है इस बारे में जानकारी स्थानीय थाना पुलिस को भी नहीं।
दोनों से पुलिस व अन्य एजेंसियों ने पूछताछ की। अन्य जानकारियां जुटाई जा रही है। मामले में विधिक कार्रवाई की गई है। बाकी कार्रवाई प्रचलित है। - राजेश पांडेय, डीसीपी वरुणा जोन