काशी को अन्न-धन का प्रसाद देने वाली पार्वती स्वरूपा मां अन्नपूर्णा के स्वर्णमयी स्वरूप के कपाट वर्ष भर के लिए बंद हो गए। महाआरती के पश्चात माता के स्वर्णमयी विग्रह स्वरूप के चार दिवसीय अनुष्ठान का समापन अन्नकूट महोत्सव से हुआ। माता को 80 क्विंटल का छप्पन भोग अर्पित किया गया और भव्य झांकी सजाई गई।
रविवार को माता अन्नपूर्णा के दरबार में अन्नकूट की झांकी सजी। मंदिर परिसर में सभी आराध्य देवों को कूटे गए अन्न से बने 56 प्रकार के भोग अर्पित किए गए। अन्नपूर्णा मंदिर के गर्भगृह में लड्डूओं से मंदिर भी बनाया गया। मंदिर के उप महंत शंकर पुरी ने बताया कि मध्याह्न भोग आरती के बाद भक्तों में भोग प्रसाद वितरित किया गया। माता को लड्डू, मगदल, बालूशाही, खुरमा, चंद्रकला, काजू बर्फ ी, काजू बिस्किट, बादाम बर्फ ी, अंजीर हलवा, बादामहलुवा, मूंग हलुआ, काजू नमकीन, पंचमेवा नमकीन और राजस्थान के अलवर से मंगाए गए मोट का भोग लगाया गया। इसके अलावा पांच प्रकार की दाल, चावल 16 प्रकार के, पकौड़े, सहित छप्पन प्रकार के व्यंजनों से भव्य सजावट की गई।
चार दिवसीय स्वर्णमयी अन्नपूर्णा के दर्शन के बाद अन्नकूट पर प्रसाद के लिए भक्तों का तांता लगा रहा। रात्रि 11:10 बजे महंत रामेश्वर पुरी ने महाआरती कर स्वर्णमयी अन्नपूर्णा के पट बंद किए। अब अगले साल माता के स्वर्णमयी स्वरूप के दर्शन होंगे। उन्होंने माता से प्रार्थना करते हुए कहा कि इस वर्ष जो महामारी आई है उससे सब जल्द ठीक हों। इस दौरान राकेश तोमर, जीवनंदन झा आदि मौजूद रहे।
स्वामी नारायण मंदिर में छप्पन भोग की सजी झांकी
मछोदरी स्थित श्री स्वामी नारायण मंदिर में प्रभु दरबार छप्पन भोग से सजा तो मंदिर प्रांगण रंग-बिरंगे गुब्बारों में आकर्षक नजर आया। दर्शन के साथ भक्तों ने प्रसाद भी ग्रहण किया। मंदिर में महंत स्वामी प्रेम स्वरूप दास के सान्निध्य में जयेन्द्र स्वामी ने भगवान के विग्रह का शृंगार किया। आरती में प्रदेश के पर्यटन मंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी मौजूद थे। उनके अलावा पार्षद कुंवर कांत सिंह, परेश भगत, पंकज भगत, कंचन भगत, गुजरात की साधुओं की टोली से योगेश्वर स्वामी, डीके स्वामी, आईपीएस राजीव नारायण मिश्रा एवं डॉ. दीपिका बरनवाल शामिल थे।