शिकायत में आरोप लगाया गया है कि आरोपी ने पार्षद की मिलीभगत से नाबालिग समर का फर्जी निवास प्रमाण पत्र बनवाया, जिसमें स्वयं को उसका पिता दर्शाया गया। इसी आधार पर जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र सहित अन्य दस्तावेज तैयार कराए गए और नगर निगम के अभिलेखों में भी संबंधित मकान पर अपना नाम दर्ज करा लिया।
पीड़िता का आरोप है कि जब वह अपने बेटे से मिलने पूर्व ससुराल पहुंचीं तो आरोपी ने उन्हें बेटे से मिलने नहीं दिया। विरोध करने पर गाली-गलौज की गई और जान से मारने की धमकी देकर वहां से भगा दिया गया। आरोपी ने यह भी दावा किया कि समर को अपना पुत्र दर्शाकर उसने पूरी संपत्ति अपने नाम करा ली है।
पीड़िता के अनुसार, उन्होंने 1 दिसंबर और 24 दिसंबर 2025 को कैंट थाने में शिकायत दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। थाना प्रभारी राजकिशोर पांडेय ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।
दहेज उत्पीड़न, गर्भपात व ब्लैकमेल का आरोप, कोर्ट के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज
वाराणसी। कैंट थाना क्षेत्र निवासी एक महिला की अर्जी पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) के आदेश के बाद कैंट थाने में पति जिया शाहिद, सास, जेठ, ननद समेत अन्य लोगों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न, मारपीट, गर्भपात कराने की कोशिश और वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई।
महिला ने अदालत में दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि उसका निकाह 1 दिसंबर 2010 को लखनऊ निवासी जिया शाहिद से हुआ था। आरोप है कि शादी के समय दहेज में नकदी की मांग की गई। वर्ष 2015 में पुलिस से शिकायत और वर्ष 2016 में समझौते के बाद वह दोबारा ससुराल गई, लेकिन उत्पीड़न जारी रहा। वर्ष 2023 में गर्भावस्था के दौरान उसके साथ मारपीट कर उसे जमीन पर पटक दिया गया, जिससे गर्भपात हो गया।
इसके अलावा पति पर मोबाइल हैक कर निजी फोटो और वीडियो के जरिए ब्लैकमेल करने का भी आरोप है। वर्ष 2026 में उसके साथ मारपीट कर सोने के गहने छीन लिए गए तथा करीब आठ लाख रुपये के स्त्रीधन पर कब्जा कर लिया गया। थाना प्रभारी राजकिशोर पांडेय ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।