विश्व के सर्वाधिक प्रदूषित शहरों में शामिल वाराणसी की हवा को सुधारने के लिए जमीनी स्तर पर प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। हालत यह है कि एयर क्वालिटी इंडेक्स को मापने वाली इकाई वाले क्षेत्र में पानी का छिड़काव करके आंकड़ों को कम किया जा रहा है। बावजूद इसके एयर क्वालिटी इंडेक्स दो सौ के नीचे नहीं जा रहा है।
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शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों में कूड़ा जलाने की घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रही हैं। आए दिन कहीं न कहीं कूड़े में आग लगाने का काम निरंतर जारी है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार शहर के सर्वाधिक प्रदूषित इलाकों में लहरतारा, कैंट स्टेशन,तरना शामिल हैं।
यहां पर एयर क्वालिटी इंडेक्स पिछले सप्ताह भर से तीन सौ के ऊपर है। वहीं रामनगर का इलाका भी वायु गुणवत्ता में बेहतर नहीं है। यहां पर पिछले एक सप्ताह से एयर क्वालिटी इंडेक्स 246 के ऊपर हैं।
मंगलवार को वाराणसी का एयर क्वालिटी इंडेक्स पीएम 2.5 318 क्यूबिक मीटर दर्ज किया गया। औसत वायु गुणवत्ता 215 और न्यूनतम 74 रहा। पीएम 10 की अधिकतम मात्रा 335, औसत 219 और न्यूनतम 127 क्यूबिक मीटर रहा।