सावन में काशी आने वाले शिवभक्तों और कांवरियों के स्वागत में शहर के प्रमुख चौराहों पर द्वार बनाए जाएंगे। इसके लिए गुरुवार को कमिश्नर दीपक अग्रवाल, आईजी विजय सिंह मीणा, डीएम सुरेंद्र सिंह और नगर आयुक्त डा. नितिन बंसल ने श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के साथ शहर का निरीक्षण किया।
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कमिश्नर ने नीचीबाग से छत्ताद्वार और गोदौलिया तक रेड कार्पेट बिछाने और विश्वनाथ मंदिर परिसर में यात्री शेड काम को जल्द पूरा कराने का निर्देश दिया। कमिश्नर ने ने कहा ‘अतिथि देवो भव:’ की तर्ज पर कांवरियों का स्वागत किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि मंदिर के छत्ताद्वार से भक्तों की दो लाइन लगवाई जाए। जिससे बाबा का दर्शन आसानी सें भक्त सकें। सावन माह में ध्वनि विस्तारक यंत्र से मंदिर की प्रमुख पूजा और आरती का प्रसारण होगा। इसके साथ ही तीन शिफ्ट में मंदिर की सफाई, पेयजल व ठहरने की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
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कमिश्नर ने पीडब्ल्यूडी और नगर निगम के अधिकारी रोजाना निरीक्षण कर सड़कों को दुरुस्त करने के लिए निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि कांवर मार्ग पर गड्ढे नहीं होने चाहिए। इसके लिए पीडब्ल्यूडी और नगर निगम को टीम बनाने को कहा।
बिजली विभाग को खंभों की जांच करने को कहा, जिससे खंभों में करेंट न उतरना सुनिश्चित किया जाय। खुफिया विभाग के साथ सुरक्षा कर्मियों को सादे वर्दी में लगाने को कहा। मंदिर के आस पास मजबूत बैरिकेडिंग कराने को कहा। इसके पूर्व मंदिर प्रशासन के कार्यालय में बैठक कर मुख्य कार्यपालक अधिकारी विशाल सिंह को आवश्यक निर्देश दिया।
परंपरा के अनुसार मिलेगा भक्तों को दर्शन
सावन में बाबा विश्वनाथ के स्वरूप दर्शन की 204 साल पुरानी परंपरा के अनुसार भक्तों को दर्शन मिलेगा। मंदिर प्रशासन ने भक्तों के लिए भव्य तैयारियाें को अंतिम स्वरूप देना शुरू कर दिया है। कांवरियों की सुविधाओं के लिए मंदिर में कई इंतजाम किए गए हैं। सावन के चारों सोमवार को बाबा विश्वनाथ के विविध स्वरूपों के दर्शन और पूजन का अवसर भक्तों को मिलेगा।
शयन आरती के दौरान प्रथम सोमवार को गर्भगृह में बाबा शिव स्वरूप में दर्शन देंगे। दूसरे सोमवार को भगवान शंकर व मां पार्वती स्वरूप का शृंगार किया जाएगा। तीसरे सोमवार को भगवान शिव के अर्धनारीश्वर स्वरूप में दर्शन देंगे। इसके बाद चौथे सोमवार को बाबा के रुद्राक्ष शृंगार के बाद बाबा की पंचबदन प्रतिमा का झूला शृंगार किया जाएगा।
इस दौरान गर्भगृह से मुख्य मंडप तक सभी स्तंभों की रुद्राक्ष से भव्य सजावट की जाएगी। इसके अलावा मृत्युंजय महादेव, तिलभांडेश्वर, रामेश्वर, शूलटंकेश्वर, सारंगनाथ, लाटभैरव, ओमकारेश्वर, बीएचयू विश्वनाथ मंदिर, मार्कण्डेय महादेव, गौरी केदारेश्वर इत्यादि शिवालयों में शृंगार व पूजन होगा।
काशी विश्वनाथ मंदिर के महंत डॉ. कुलपति तिवारी ने बताया कि रानी अहिल्याबाई के 204 वर्ष पूर्व विश्वनाथ मंदिर के जीर्णोद्धार से पहले ही सावन के सोमवार को बाबा के स्वरूप दर्शन की परंपरा चली आ रही है।
नए यात्री प्रतीक्षालय में ट्रेनों का इंतजार करेंगे कांवरिया
- फोटो : अमर उजाला
सावन महीने के दौरान कांवरियों की सुविधा के लिए कैंट रेलवे स्टेशन पर विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। ट्रेन से सफर करने वाले शिवभक्त नए यात्री हाल में ट्रेन का इंतजार कर सकेंगे। इसके लिए सुविधाओं को चाक चौबंद किया जा रहा है। वहीं यहां स्थित जलपान गृह को चलाने की तैयारी की जा रही है। नई व्यवस्था का उद्देश्य प्लेटफार्म पर कांवरियों के दबाव को कम करना तथा नए यात्री प्रतीक्षालय का पूरा प्रयोग शामिल है।
मंदाकिनी कुंड में लगेंगे म्यूजिकल फाउंटेंन
कमिश्नर ने मैदागिन स्थित कंपनी बाग के मंदाकिनी कुंड का निरीक्षण किया। स्मार्ट सिटी योजना के तहत चार करोड़ की धनराशि से इस कुंड को सुंदर बनाना है। कमिश्नर ने टूटे और क्षतिग्रस्त चहारदीवारी को बनाने के साथ ही ग्रिल एवं फ्लोटिंग पंप लगाने को कहा ताकि कुंड का पानी स्वच्छ बना रहे। म्यूजिकल फाउंटेन लगाने के साथ क्षतिग्रस्त सीढि़यों की मरम्मत कराने, बेंच की व्यवस्था करने को कहा।
सावन मेले के मद्देनजर गुरुवार की शाम गोदौलिया से दशाश्वमेध घाट तक एडीजी जोन ने पैदल गश्त की। इस दौरान उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था की कार्ययोजना के बारे में एसएसपी से जानकारी ली। साथ ही, मातहतों से कहा कि सावन मेले के दौरान आने वाले श्रद्धालुओं के साथ सुरक्षा व्यवस्था की आड़ में दुर्व्यवहार की शिकायत सुनने मेें ना आए।
एडीजी जोन पीवी रामाशास्त्री ने एसएसपी आनंद कुलकर्णी से कहा कि भीड़ नियंत्रण और रूट डायवर्जन की व्यवस्था मुकम्मल हो। प्रतिबंधित क्षेत्रों में वाहनों का आगमन न हो। पुलिस, पीएसी और सेंट्रल पैरामिलिट्री फोर्स के जवान मुस्तैदी के साथ ड्यूटी करें। संदिग्धों पर फोर्स की नजर हो और लावारिस वस्तु दिखाई देते ही तत्काल उसे कब्जे में लिया जाए।
पर्यवेक्षण अधिकारी मॉनीटरिंग में लापरवाही न बरतें। गंगा में बढ़ते जलस्तर के मद्देनजर जल पुलिस और पीएसी बाढ़ राहत दल के जवान तैनात रहें। आवश्यकतानुसार एनडीआरएफ के जवानों को भी तैनात किया जाए। अन्य विभागों के साथ पुलिस अधिकारी समन्वय बनाकर सावन मेले को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराएं।