वाराणसी कैंट थाने के निरीक्षण के दौरान सीएम ने दिए थे निर्देश
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बावजूद पुलिस और प्रशासन जिले के टॉप 20 में से अब तक किसी भी बड़े भू-माफि या के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर सका है। महज खानापूर्ति के लिए प्रशासनिक अमला ग्राम सभा की जमीन का अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ कार्रवाई में जुटा है।
सदर तहसील क्षेत्र के दस लोगों के खिलाफ विभिन्न थानों में लोक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया है। दरअसल, प्रशासन ने अपनी कार्रवाई काफी देर से शुरू की और इसका फायदा भू-माफिया ने उठाया। तथाकथित प्रभावशाली लोग इस दौरान स्थगन आदेश लेने में कामयाब रहे।
तीनों तहसीलों की रिपोर्ट पर प्रशासन ने करीब एक महीने पूर्व 49 भू-माफिया की सूची तैयार की थी। इसमें शहर के कई प्रभावशाली लोगों को शामिल किया गया था। इसमें सदर तहसील के 16 लोगों के नाम थे।
सूची में नाम शामिल करने के बाद ही कुछ अफसर और नेता अपने कुछ चहेतों के नाम सूची से निकलवाने की जुगत में लग गए। बाद में इस सूची की जांच होने लगी। जांच के दौरान ही एक व्यक्ति के कब्जे से सरकारी जमीन मुक्त करा ली गई। एक अन्य व्यक्ति के कब्जे में सरकारी जमीन नहीं पाई गई।