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Bird Flu : बर्ड फ्लू पर प्रशासन अलर्ट, गंगा में प्रवासी पक्षी को नहीं खिला सकेंगे दाना

Mon, 11 Jan 2021 03:05 PM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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प्रवासी पक्षियों को दाना खिलाने पर रोक। - फोटो : अमर उजाला।
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वाराणसी में बर्ड फ्लू की आशंका को लेकर बरती जा रही सतर्कता में अब गंगा में विहार कर रहे प्रवासी पक्षियों को दाना खिलाने पर रोक लगाई गई है। जिलाधिकारी कौशलराज शर्मा ने सोमवार को बैठक कर गाइड लाइन जारी की है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को निर्देशित किया कि सभी वेटरिनरी अधिकारियों को फील्ड में भेज कर सैंपलिंग की कार्रवाई तेजी से की जाए।

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उन्होंने सभी थानों पर संवधित पशु चिकित्सा अधिकारियों का मोबाइल नंबर लिखवाने का निर्देश दिया। सड़क दुर्घटना आदि में घायल पशुओं को तुरंत नजदीकी गोशाला में पहुंचाने व मृत पशुओं को गोशाला से तत्काल हटवाने का आदेश दिया है। साथ ही सभी गौशालाओं की जांच कराने व गायों की बीमारियों की जांच कराने का भी सीवीओ को निर्देश दिया गया।

रेलवे ट्रैक के आसपास के गांवों के सभी आवारा पशुओं को सौ फीसदी गोशाला में कल तक पहुंचाए जाने का निर्देश दिया। सभी बीडीओ को ग्रामीण क्षेत्रों में सभी ग्राम सचिवों को मुर्गा व मीट बेचने वाले दुकानदारों के साथ कल तक बैठक कर उनको जागरुक करने, साफ सफाई रखने का निर्देश दिया। साथ ही किसी प्रकार के पशु-पक्षी के सामुहिक मृत्यु की सूचना तत्काल संबधित थाने एवं पशु चिकित्सा अधिकारियों को देने का निर्देश दिया गया।

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जिलाधिकारी ने बैठक में दिए निर्देश। - फोटो : अमर उजाला
नहरों, तालाबों आदि स्थानों पर प्रवासी पक्षियों पर भी सतर्क निगाह रखने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों के अधिकारी व कर्मचारियों को निर्देश दिया। नगर निगम के सभी 400 मुर्गे और 250 मीट की दुकानों का सत्यापन कराए जाने का निर्देश दिया। उन्होंने गंगा नदी में प्रवासी पक्षियों को दाना आदि खिलाए जाने पर रोक लगाते हुए जल पुलिस व नगर निगम के कर्मचारियों को इसका अनुपालन कराने को कहा।

जन सामान्य में भी जागरूकता फैलाने के लिए पशु चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया और सुरक्षात्मक उपायों को अपनाये जाने पर जोर दिया। शहरी क्षेत्र में भी मीट मर्गे के दुकानदारों को सतर्क रहने और साफ सफाई रखने के साथ-साथ सुरक्षा के मानक अपनायें जाने का निर्देश दिया।

डीएफओ ने भी बताया कि चिड़िया घर की 24 घंटे निगरानी करने के लिए कर्मचारी तैनात कर दिया गया है। सभी एसडीएम को कल तक गांवों को तीन श्रेणियों A,B और C में बांट कर सूची उपलब्ध कराये जाने का निर्देश दिया है। जिसमें A श्रेणी में अति संवेदनशील गांव B श्रेणी में संवेदनशील तथा C श्रेणी में सामान्य गांवों  को रखा जाये। पंचायत चुनाव को देखते हुए ए और बी श्रेणी के गांवों की संवेदनशीलता को कम करने की कार्यवाही करने का निर्देश दिया।
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