टक्कर के बाद स्कॉर्पियो चालक वाहन सहित मौके से फरार हो गया। दुर्घटना के बाद आसपास के लोगों और परिजनों ने घायल किसान को तत्काल पास के एक निजी अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी मिलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई और गांव में शोक की लहर दौड़ गई। बड़ी संख्या में ग्रामीण मृतक के घर पहुंचकर परिजनों को सांत्वना देने लगे।
रामजी यादव पांच भाइयों में सबसे छोटे थे। परिवार में पत्नी श्यामदेई, पुत्र नथुनी यादव और संजय यादव हैं। दोनों पुत्र निजी वाहन चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। परिवार के मुखिया की अचानक हुई मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
परिजनों के अनुसार दुर्घटना करने वाले वाहन की पहचान नहीं हो सकी। मामले की सूचना पुलिस को नहीं दी गई और परिजनों ने बिना किसी कानूनी कार्रवाई के ही मृतक का अंतिम संस्कार कर दिया। गांव में इस दर्दनाक हादसे को लेकर शोक का माहौल बना हुआ है।