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वीडीए ने किया बनारस का बेड़ा गर्क, आबाद हो गईं 500 अवैध कॉलोनियां

Sun, 16 Jul 2017 03:34 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
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कागजात देखते वीडीए अधिकारी - फोटो : अमर उजाला
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काशी के सुनियोजित विकास के लिए गठित वीडीए के नकारेपन ने शहर का बेड़ा गर्क कर दिया। 27 सालों में 500 अवैध कॉलोनियां आबाद हो गईं। यह सब वीडीए के तत्कालीन अधिकारियों, कर्मचारियों की आंखों के सामने हुआ।
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लेकिन, न कोई कार्रवाई की गई न रोकटोक। शहर में बुनियादी सुविधाओं का ढांचा चरमराने की बड़ी वजह ये अवैध कॉलोनियां ही हैं। शहर में जाम, यातायात, सीवर, पेयजल प्रबंधन की बढ़ती समस्याएं इन्हीं की देन हैं। इन हालात के लिए कौन लोग जिम्मेदार हैं?

वीडीए की निगरानी के बावजूद अवैध कॉलोनियां कैसे आबाद हुईं? इनके जरिए मोटी रकम कमाने वाले डेवलपर्स पर आखिर कार्रवाई क्यों नहीं की गईं? ऐसे तमाम सवालों की निष्पक्षता से जांच हुई तो कई पूर्व अधिकारियों, कर्मचारियों का फंसना तय है।
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दो महीने पहले ही चार्ज संभालने वाले वीडीए उपाध्यक्ष पुलकित खरे ने बताया कि 1990 के बाद शहर के किसी बड़े डेवलपर्स ने एक भी कॉलोनी का ले आउट नहीं बनवाया जबकि तब से अब तक 500 कॉलोनियां आबाद हो गईं।

वीडीए सभागार में आयोजित प्रेसवार्ता में उन्होंने बताया कि इन कॉलोनियों में व्यक्तिगत नक्शे तो लोगों ने पास कराए लेकिन कॉलोनी का ले आउट पास नहीं होने से वहां सीवर, पेयजल, सड़क, पार्क जैसी बुनियादी सुविधाएं विकसित नहीं हुईं।

आबादी का दबाव बढ़ने के साथ इसका असर पूरे शहर पर पड़ा। यातायात दबाव बढ़ा और जाम सहित अन्य समस्याएं बढ़ती गईं। इन कॉलोनियों में जलनिकासी और सीवर का प्रबंध न होने से बारिश का पानी भर जाता है।

कहा कि जो भी लोग जिम्मेदार होंगे, उन पर कार्रवाई के लिए शासन को संस्तुति की जाएगी। आगे ऐसा न हो, इसके लिए डेवलपर्स पर शिकंजा कसा जाएगा। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि किसी तरह का कोई अव्यवस्थित निर्माण न होने पाए।

25 बड़े बकाएदारों पर वीडीए कसेगा शिकंजा वीडीए वीसी ने बताया कि वीडीए के आवास लेकर धनराशि जमा नहीं करने वाले 25 बड़े बकाएदार चिह्नित किए गए हैं। इन पर 14 करोड़ से अधिक बकाया है। इन्हें जल्द ही नोटिस जारी कर धनराशि जमा करने के लिए तीन दिन का समय दिया जाएगा। उसके बाद वसूली की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
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