कई बार ऐसा भी हो रहा है कि एक क्रेडिट कार्ड का पेमेंट करने के लिए दूसरे का बैलेंस ट्रांसफर करना पड़ रहा है और उसके लिए तीसरे कार्ड का इस्तेमाल करना पड़ रहा है। बैंक चार्ज, प्रोसेसिंग फीस और ब्याज के कारण महीने की पूरी तनख्वाह निकल जा रही है। युवा वर्ग बदलती लाइफस्टाइल में लग्जरी जीवन जीने के लिए भी क्रेडिट कार्ड का सहारा ले रहे हैं।
पेनल्टी के साथ सिबिल पर पड़ता है असर
एसबीआई मेन ब्रांच के मैनेजर वेद प्रकाश शर्मा बताते हैं कि बैंक खाते में पर्याप्त बैलेंस न होने पर अगर एक भी किश्त बाउंस होती है, तो बैंक तुरंत 350-450 रुपये की पेनल्टी लगा देता है। कई फाइनेंस कंपनियां पेनाल्टी के साथ ही किसी भी चूक पर व्यक्ति का सिबिल स्कोर खराब कर देती हैं।
एक्सपर्ट की राय
- महीने की शुरुआत में बजट बनाएं।
- खर्च कम करें।
- क्रेडिट कार्ड का उपयोग सीमित करें।
- सब्सक्रिप्शन और आपातकालीन खर्च पर नियंत्रण रखें।
इंस्टेंट लोन एप्स और बिना जांच के क्रेडिट कार्ड बांटने की होड़ के कारण ऐसी समस्याएं पैदा हो रही हैं। छात्र जीवन में ही युवाओं को लुभावने ऑफर देकर कार्ड थमा दिए जाते हैं। बिना वित्तीय साक्षरता के, छोटे व्यापारी व्यापार विस्तार के बजाय दिखावे और उपभोग में इन पैसों को खर्च कर रहे हैं। -ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी, वित्तीय सलाहकार