पुलिस कमिश्नर के स्टाफ अफसर, दोनों जोन, ट्रैफिक, क्राइम, महिला अपराध, हेड क्वार्टर, प्रोटोकॉल, इंटेलिजेंस और सिक्योरिटी के लिए 10 अपर पुलिस अधीक्षकों को एडीसीपी के पद पर तैनात किया जाएगा। इसी तरह से छह सर्किल, ट्रैफिक, विशेष अपराध, ईओडब्ल्यू/साइबर क्राइम, महिला अपराध, पुलिस लाइन, आफिस, इंटेलिजेंस और सिक्योरिटी के लिए 16 डिप्टी एसपी को एसीपी के पद पर तैनात किया जाएगा। इसके अलावा एक असिस्टेंट रेडियो आफिसर और एक चीफ फायर अफसर तैनात किए जाएंगे।
आमजन को सहूलियत, पुलिस के कामकाज में आसानी
पुलिस आयुक्त प्रणाली में आमजन को सहूलियत होगी और पुलिस का कामकाज आसान होगा। धरना-प्रदर्शन की अनुमति लेने जैसे काम से लेकर जमीन संबंधी विवादों के निस्तारण, होटल-बार के लाइसेंस और असलहे के लाइसेंस के लिए अनावश्यक कलेक्ट्रेट के चक्कर काटने से मुक्ति मिल जाएगी। वहीं, पुलिस निरोधात्मक कार्रवाई के लिए प्रशासनिक अधिकारियों पर आश्रित नहीं रहेगी।