कैंट स्टेशन पर वंदे भारत ट्रेन के कोच का खुला दरवाजा।
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यात्रियों से भरी देश की पहली सेमी हाईस्पीड वंदेभारत ट्रेन सोमवार को कैंट स्टेशन से खुले गेट के साथ ही रवाना हो गई। कोच सी-3 का गेट नहीं बंद होने से ट्रेन में सवार यात्री सकते में आ गए। यह पहला मौका है जब वंदे भारत ट्रेन खुले गेट के साथ रवाना हुई। स्टेशन पर तैनात रेलवे कर्मचारियों में भी अफरा-तफरी मच गई।
ट्रेन में सवार सुरक्षाकर्मी खुले गेट के पास पहुंच गए थे। प्लेटफाॅर्म छोड़ने के थोड़ी देर बाद ट्रेन के पायलट से गेट को बंद किया जा सका। गेट बंद होने के बाद यात्रियों ने राहत की सांस ली। ट्रेन संख्या 22435 वंदेभारत एक्सप्रेस सोमवार अपराह्न तीन बजे ट्रेन कैंट स्टेशन के प्लेटफार्म नंंबर-1 से नई दिल्ली के लिए रवाना हुई। प्लेटफार्म से ट्रेन चलने के बाद भी सी-3 कोच के दरवाजे बंद नहीं हुए। ट्रेन के रफ्तार पकड़ने के साथ ही अंदर और बाहर के यात्री सहम गए। सेमी हाईस्पीड ट्रेन वंदे भारत के कोचों के दरवाजे ट्रेन चलने से एक मिनट पहले ऑटोमेटिक लॉक हो जाते हैं। मगर, बिना गेट बंद हुए ट्रेन रवाना होने की घटना ने ट्रेन की तकनीक पर सवाल खड़े कर दिए हैं। 12 सौ यात्रियों की क्षमता वाली इस ट्रेन में 800 से ज्यादा बनारस से सफर करते हैं।
तकनीकी गड़बड़ी या लापरवाही, जांच में होगा तय
वंदे भारत एक्सप्रेस सप्ताह में गुरुवार के अलावा छह दिन नई दिल्ली वाराणसी का सफर करती है। अब तक के इतिहास में यह पहला मौका है कि बिना गेट बंद हुए ट्रेन रवाना हुई। जबकि रेल प्रशासन दावा है कि वंदे भारत ट्रेन का दरवाजा बंद न होने की स्थिति में यह आगे नहीं बढ़ सकती। सोमवार को कैंट स्टेशन की घटना की पड़ताल कराई जा रही है कि यह तकनीकी गड़बड़ी की वजह से गेट नहीं बंद हुए या किसी तरह की लापरवाही हुई है।
बिना लॉक हुए वंदेभारत एक्सप्रेस आगे नहीं बढ़ सकती है। किसी यात्री ने इमरजेंसी बटन का प्रयोग कर दिया था। इसी वजह से सी-3 का गेट खुल गया था। मगर, ट्रेन के प्लेटफार्म छोड़ने से पहले ही गेट बंद हो गया था। - गौरव दीक्षित, स्टेशन निदेशक, कैंट