शहनाई वादक उस्ताद बिस्मिल्लाह खां को कौन नहीं जानता। उस्ताद बिस्मिल्लाह खां केवल वाराणसी के ही नहीं बल्कि देश के लिए एक गौरव थे। लेकिन आज उनकी धरोहर खतरे में दिखाई दे रही है। उनके पैतृक मकान को तोड़ा जा रहा है। जिस कमरे में उस्ताद रियाज किया करते थे, उसे तोड़ दिया गया है।
वाराणसी के बेनियाबाग की भीखाशाह लेन स्थित उस्ताद का पैतृक मकान है। उनके घर को तोड़कर कमर्शियल अपार्टमेंट बनाने की तैयारी की जा रही है।
उस्ताद बिस्मिल्लाह खां की पुण्यतिथि इसी माह 22 अगस्त को है। हर साल की तहर इस साल भी उनके चाहने वालों ने इसी कमरे से वर्चुअल कार्यक्रम करने की नीयत बना रखी थी। लेकिन धरोहर पर हथौड़ा चलने से उनके सपने टूट गए।