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पुलिस की पाठशाला: सावधानी से इस्तेमाल करें मोबाइल, एडीसीपी बोले-सेल्फ डिफेंस सीखें, गुड व बैड टच का अंतर जानें

Wed, 01 Nov 2023 01:06 PM IST
किरन रौतेला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

एडीसीपी गोमती जोन सरवनन टी ने छात्र-छात्राओं से कहा कि वह मूल रूप से तमिलनाडु के रहने वाले और 2019 बैच के आईपीएस हैं। हम और आप एक अच्छे दोस्त हैं। साइबर क्राइम के प्रति रुचि के साथ ही मेरी जानकारी भी अच्छी है।
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अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से पुलिस की पाठशाला में बोलते आईपीएस सरवनन टी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मोबाइल का इस्तेमाल सावधानी से करें। साइबर क्राइम के प्रति सजगता बरतने के साथ ही जागरूक रहें। तकनीक के इस दौर में साइबर क्राइम एक बड़ी चुनौती है। यह बातें गोमती जोन के एडिशनल डीसीपी सरवनन टी ने मंगलवार को अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से केराकतपुर स्थित वाराणसी पब्लिक स्कूल में आयोजित पुलिस की पाठशाला में कहीं।

 

एडीसीपी गोमती जोन सरवनन टी ने छात्र-छात्राओं से कहा कि वह मूल रूप से तमिलनाडु के रहने वाले और 2019 बैच के आईपीएस हैं। हम और आप एक अच्छे दोस्त हैं। साइबर क्राइम के प्रति रुचि के साथ ही मेरी जानकारी भी अच्छी है। उन्होंने कहा कि तकनीक आधारित इस दौर में मोबाइल पर कभी भी किसी से निजी जानकारी साझा न करें। मोबाइल पर किसी अनजान नंबर से आए किसी लिंक को कभी क्लिक न करें। लुभावने ऑफर, बंपर छूट या कम समय में ज्यादा मुनाफे की बात सुनते ही सतर्क हो जाएं। सोशल मीडिया पर अपने मोबाइल नंबर या अन्य निजी जानकारी कतई साझा न करें। भ्रामक संदेश वाले ऑडियो-वीडियो कभी भी किसी को न फॉरवर्ड करें और अफवाहों पर कतई ध्यान न दें।

एडीसीपी गोमती जोन ने कहा कि आप सभी गुड और बैड टच के बारे में अच्छे से जरूर जानें। सेल्फ डिफेंस के बारे में जानने के लिए स्कूल के शिक्षक-शिक्षिकाओं की मदद लें। अपने अभिभावक से कहें कि वह यूट्यूब में आपको सेल्फ डिफेंस से संबंधित अच्छे वीडियो दिखाएं। पढ़ाई के इस दौर में मोबाइल और इंटरनेट पर कम से कम समय देकर किताबों से दोस्ती करें। इस समय मेहनत से की गई पढ़ाई भविष्य में आपको अच्छा परिणाम देगी।

मोबाइल और प्रोफाइल की गोपनीयता बरकरार रखना जरूरी

एडीसीपी गोमती जोन ने कहा कि मौजूदा दौर में हम सबकी पहचान के माध्यम मां-बाप, भाई-बहन और रिश्तेदार ही नहीं रह गए हैं। हमारा मोबाइल नंबर और सोशल मीडिया पर हमारी प्रोफाइल हमारी पहचान के एक सशक्त माध्यम हैं। इसलिए मोबाइल नंबर और प्रोफाइल की गोपनीयता बरकरार रखना बहुत जरूरी है। इसके अलावा एडीसीपी गोमती जोन ने छात्र-छात्राओं को आपातकालीन स्थिति में 112 नंबर के बेहिचक उपयोग के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि छात्राओं को स्कूल आने-जाने के समय या कहीं भी कोई परेशान करे तो 1090 पर निसंकोच फोन करें। छात्रा का नाम और पता गोपनीय रखते हुए संबंधित के खिलाफ पुलिस प्रभावी तरीके से कार्रवाई करेगी। इसी तरह से प्रत्येक थाने में महिला हेल्प-डेस्क बनाया गया है। प्रत्येक थाना क्षेत्र में पिंक बूथ भी खोला जा रहा है। हेल्प-डेस्क और पिंक बूथ पर महिला पुलिसकर्मी ही महिलाओं की शिकायत सुन कर उसका समाधान कराती हैं।

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पुलिस की पाठशाला: सावधानी से इस्तेमाल करें मोबाइल - फोटो : अमर उजाला

प्रधानाचार्य ने किया एडीसीपी गोमती जोन का स्वागत

पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि एडीसीपी गोमती जोन ने सरस्वती प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित करके की। प्रधानाचार्य संगीता पॉल ने पुष्पगुच्छ देकर मुख्य अतिथि का स्वागत किया। इस दौरान नित्या चौबे, रुबी कुमारी, मीना अवस्थी, माधवी सहित अन्य शिक्षिकाएं मौजूद रहीं।

सवाल - जीबी व्हाट्सएप एप क्या है? क्या यह सुरक्षित है? - वाजिदा शमीम, छात्रा

जवाब - जीबी व्हाट्सएप एप ठीक नहीं है। यह क्लोन एप ऑफिशियल एप नहीं है। इसे ब्लैकलिस्ट करने पर बात चल रही है। ध्यान यह भी रखें कि कभी भी कोई सामान ऑनलाइन खरीदना हो तो गूगल पर सर्च न करें। उस कंपनी की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाएं।

सवाल - कोई लड़का परेशान करे तो नाम-पता सामने आए बगैर शिकायत कैसे की जाए? - आराध्या सिंह, छात्रा

जवाब- आप ही नहीं सभी छात्राएं 1090 नंबर को हमेशा याद रखें। 1090 पर शिकायत करने पर छात्रा का नाम-पता गोपनीय रख कर कार्रवाई की जाती है। 1090 पर आई शिकायतों की मॉनिटरिंग उच्चाधिकारी करते हैं। इसलिए कभी भी कोई रास्ते में या कॉल-मैसेज कर परेशान करे तो चुप्पी तोड़ें और शिकायत जरूर करें।

 

सवाल - सोशल मीडिया की अपनी आईडी को कैसे सुरक्षित रखें? - तान्या सिंह, छात्रा

जवाब- टू स्टेप सिक्योरिटी वेरिफिकेशन इनेबल करके रखें। नियमित अंतराल पर पासवर्ड बदलते रहें और उसे किसी से शेयर न करें। लॉग-इन करने पर आपके मोबाइल पर मैसेज आए, यह विकल्प भी ऑन करके रखें। निजी जीवन से जुड़ी कम से कम जानकारी सोशल मीडिया पर साझा करें।

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