मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र काशी को स्वच्छता सर्वेक्षण की राष्ट्रीय रैंकिंग में शीर्ष स्थान दिलाना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यहां की बेहतर रैंकिंग केवल कागजी कार्रवाई से नहीं बल्कि वास्तविक जनसहभागिता से ही संभव है। पिछली बार सोर्स सेग्रिगेशन यानी कूड़ा पृथकीकरण में महज 63 प्रतिशत अंक मिलने के कारण शहर 17वें स्थान पर पिछड़ गया था।
पार्षदों ने उठाई जनसमस्याएं, मंत्री ने दिए समाधान के निर्देश
संवाद के दौरान पार्षदों ने अपने क्षेत्रों की जमीनी समस्याओं को प्रखरता से रखा। पार्षद अजय चौधरी ने शहर में डस्टबिन रखने, पार्षद इंद्रेश कुमार ने नियमित रूप से शहर में डोर-टू-डोर कूड़ा उठान करने की बात कही। पार्षद अभय कुमार पांडेय ने सारनाथ क्षेत्र के लो-लैंड (निचला इलाका) होने के कारण वहां होने वाली जल-निकासी की समस्या से मंत्री को अवगत कराया।
नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने पीपीटी के माध्यम से शहर की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए बताया कि अब तक 22 बड़े कूड़ा घरों को हटाया जा चुका है। आगामी दो-तीन महीनों में शेष पांच को भी विलोपित कर दिया जाएगा। होली तक नगर निगम में शामिल हुए नए 25 वार्डों में भी घर-घर कूड़ा उठान की प्रक्रिया सुचारू रूप से शुरू हो जाएगी। शहर के सार्वजनिक और सामुदायिक शौचालयों की स्थिति में सुधार के साथ-साथ अब प्लास्टिक कचरे के निस्तारण के लिए एमआरएफ सेंटर और बायोमेडिकल वेस्ट के लिए रमना में विशेष प्लांट स्थापित करने की तैयारी अंतिम चरण में है।