फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सफलता के फलक पर चमके सितारे

विज्ञापन
विज्ञापन
बिना कोचिंग अंकिता को मिली पहले प्रयास में सफलता
विज्ञापन

वाराणसी। यूपीपीएससी की परीक्षा में अंकिता यादव ने कमाल कर दिया। बिना कोचिंग के अपनी मेहनत के बल पर अंकिता ने यूपीएससी परीक्षा को पहले ही प्रयास में सफलता हासिल की। अंकिता को यूपी एग्रीकल्चर सर्विस में पांचवां स्थान हासिल हुआ है। चयन की सूचना मिलते ही फोन पर अंकिता को बधाइयां मिलने लगीं। अंकिता ने बताया कि 2018 में बीएचयू से कृषि स्नातक करने के बाद ही पीसीएस के लिए आवेदन किया था। बिना कोचिंग के ही स्नातक स्तर पर पढ़े गए विषयों का गंभीर अध्ययन किया और पहले प्रयास में ही सफलता मिल गई। मुझे अपनी मेहनत पर पूरा भरोसा था। लक्ष्य सामने रखकर अगर आप मेहनत करते हैं तो सफलता आपके कदम जरूर चूमती है। अंकिता के पिता अजय कुमार डीरेका में कर्मचारी हैं और माता बिंदु देवी गृहिणी हैं। अंकिता के ससुर सत्यप्रकाश डीरेका में ही एसएससी हैं। पति गौरव प्रकाश पावर कार्पोरेशन में टेक्नीशियन हैं। अंकिता ने बताया कि बिना परिवार के सहयोग के यह सफलता मुश्किल थी। शादी होने के बाद भी पढ़ाई में निरंतरता रखते हुए रोजाना पांच से छह घंटे पढ़ती रहीं।
अंकित ने पहले ही प्रयास में पार की वर्दी की बाधा
आईएएस की परीक्षा पास करना है लक्ष्य
वाराणसी। पूत के पांव पालने में ही नजर आ जाते हैं। अंकित मिश्रा पर यह कहावत एकदम चरितार्थ होती है। बचपन से ही मेधावी अंकित ने यूपीएससी की परीक्षा को पहले ही प्रयास में पास कर लिया है। अंकित का चयन पुलिस उपाधीक्षक के पद पर हुआ है। अंकित मिश्रा ने बताया कि उनका लक्ष्य तो आईएएस की परीक्षा क्वालीफाई करना है। अंकित ने कहा कि नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी श्रीनगर से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बीटेक करने के बाद से ही सिविल सर्विस की तैयारियों में जुट गया। इंजीनियरिंग करने के बाद सिविल सर्विस के सवाल पर अंकित का कहना था कि समाजसेवा का इससे बेहतर माध्यम दूसरा कोई और नहीं हो सकता है। कोचिंग के साथ ही स्वाध्याय ने पहले प्रयास में मेरी सफलता पर मुहर लगा दी है।
विज्ञापन

अंकित के पिता सुभाष चंद्र मिश्रा जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में प्रधान सहायक हैं। चयन की सूचना मिलने के बाद सुभाष चंद्र मिश्रा की खुशी का तो ठिकाना ही नहीं था। बेटे की कामयाबी की सूचना पर कार्यालय से उनके जानने वालों की बधाईयों का सिलसिला शुरू हो गया था।
विज्ञापन

लेखपाल विपिन बने वाणिज्य कर अधिकारी
परिवार को दिया सफलता का पूरा श्रेय
राजातालाब/ सारनाथ । लेखपाल विपिन मिश्रा के वाणिज्य अधिकारी पद पर चयन की सूचना मिलते ही उनके गांव में हर्ष का माहौल है। लेखपाल की जिम्मेदारी होने के बावजूद दिन-रात मेहनत करके उन्होंने यह सफलता अर्जित की है। सफलता का श्रेय वह परिवार को देते हैं। राजातालाब क्षेत्र के बाबूराम के पुरा पनियरा निवासी विपिन मिश्रा को तीसरे प्रयास में यह सफलता मिली है। उन्होंने बताया कि यदि लगन और मेहनत से प्रयास किया जाए तो परिणाम सार्थक होता है। उन्होंने बताया कि नौकरी से समय निकालकर उन्होंने स्वाध्याय के जरिए निरंतर प्रयास जारी रखा। निरंतर अभ्यास व परिश्रम का परिणाम आज सभी के सामने है। उन्होंने युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि ग्रामीणों में प्रतिभा है। मेहनत से प्रयास करें तो सफ लता उनके हिस्से में अवश्य आएगी। पीसीएस परीक्षा का परिणाम आने के बाद विपिन मिश्रा के घर में माहौल खुशी से भर गया है। वाणिज्य कर अधिकारी पद पर चयन की सूचना पर घर वालों ने मिठाइयां खिलाकर प्रसन्नता जाहिर की। विपिन जब दो वर्ष के थे तभी इनके पिता का देहांत हो गया था। विपिन मिश्रा बताते हैं कि उनकी सफलता के पीछे मां ज्ञान्ता मिश्रा का सर्वाधिक योगदान है। बताया कि तीन साल पहले वह लेखपाल पद पर चयनित होकर पिंडरा में नियुक्त हुए थे तब से वहीं कार्यरत हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें