परीक्षा देने आए अभ्यर्थियों ने शाम को शहर भर में जमकर मनमानी की। कैंट रेलवे स्टेशन के सामने ऑटो से उतरे कई अभ्यर्थी किराया नहीं दे रहे थे और मांगने पर ऑटो चालकों से गालीगलौज कर रहे थे। इसी तरह कई अभ्यर्थी रोडवेज की बसों को जबरन रुकवा कर उन पर चढ़े और रेलवे स्टेशन और बस अड्डे की ओर गए। इस दौरान पैदल जा रहे अभ्यर्थियों का समूह चांदपुर, लहरतारा, बौलिया, सिगरा, पांडेयपुर और सारनाथ में रास्ते से गुजर रही युवतियों पर छींटाकशी भी कर रहा था। भर्ती परीक्षा के लिए 60 हजार से ज्यादा अभ्यर्थियों की भीड़ के कारण शहर की ध्वस्त यातायात व्यवस्था का और बुरा हाल रहा।
शुक्रवार की दोनों पाली में 80592 अभ्यर्थियों को परीक्षा देनी थी, मगर 63469 अभ्यर्थी ही उपस्थित रहे। इस दौरान कुछेक केंद्रों पर परीक्षा से पहले सत्यापन के दौरान अभ्यर्थियों ने सर्वर डाउन होने की शिकायत की। सूचना पाकर पहुंचे अधिकारियों ने समस्या का समाधान कराया।
पुलिस भर्ती परीक्षा के चलते कैंट सहित बनारस के सभी स्टेशनों में पर जबरदस्त भीड़ रही। पूर्वांचल के विभिन्न जिलों को जाने वाली ट्रेनों में पांव रखने तक की जगह नहीं नजर आई। जैसे ही कोई ट्रेन प्लेटफार्म पर रुकती इसमें घुसने और जगह पाने के लिए मारामारी शुरू हो जाती। बीच-बीच में छात्रों का शोर शराबा भी होता रहा। जनरल बोगी तो दूर आरक्षित बोगियों में भी लोग ठसा ठस भरे रहे। वहीं रेल प्रशासन को व्यवस्था में समस्या का सामना करना पड़ा। वहीं प्लेटफार्मों पर जबरदस्त भीड़ दिखी।
चंद्रशेखर और रोहित ने बताया कि उनकी सॉल्वर गैंग का सरगना उपेंद्र और रजनीश हैं। परीक्षा में शामिल होने के लिए 10 हजार रुपये और आने-जाने व ठहरने का खर्च दिया गया था। यदि लिखित परीक्षा में सफल हो जाते तो प्रति अभ्यर्थी डेढ़ लाख रुपये मिलते और शेष सरगना रख लेते। परीक्षा पास कराने का सौदा कितने में तय हुआ, इसकी जानकारी उन्हें नहीं है। गैंग के अन्य सदस्य लखनऊ और कानपुर भी परीक्षा देने गए हैं।