दिल्ली पुलिस के पहले कमिश्नर और उत्तर प्रदेश के पूर्व डीजीपी जेएन चतुर्वेदी (92) का सोमवार की रात बीएचयू के सर सुंदरलाल अस्पताल में निधन हो गया। मंगलवार को हरिश्चंद्र घाट स्थित विद्युत शवदाह गृह में राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया।
इस दौरान जिले, रेंज और जोन के सभी आला पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। प्रदेश पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह ने भी ट्वीट कर शोक संवेदना जताई।
देहरादून के वसंत विहार थाना अंतर्गत इंदिरा नगर निवासी जेएन चतुर्वेदी वर्ष 1951 बैच के आईपीएस थे।
एक अप्रैल 1984 से 17 सितंबर 1985 तक वह उत्तर प्रदेश के डीजीपी रहे। इससे पहले जुलाई 1978 से जनवरी 1980 तक वह दिल्ली पुलिस के पहले कमिश्नर रहे। इसके अलावा, जेएन चतुर्वेदी ने बीएसएफ के प्रमुख और उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के चेयरमैन की भी जिम्मेदारी निभाई।
उनके निधन की सूचना मिलते ही परिचितों, रिश्तेदारों में शोक की लहर दौड़ पड़ी। परिवार में उनकी पत्नी सरोज चतुर्वेदी, बेटा शशांक और बेटी सुचरिता हैं। शशांक चतुर्वेदी अहमदाबाद स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ प्लाज्मा रिसर्च के डायरेक्टर हैं।
वहीं, सुचरिता पीएनबी के वाराणसी सर्किल की हेड और प्रदेश के पूर्व पुलिस महानिदेशक रंजन द्विवेदी की पत्नी हैं। हरिश्चंद्र घाट पर परिजनों ने बताया कि बीते दो महीने से जेएन चतुर्वेदी यहां कैंटोनमेंट स्थित पुत्री के आवास पर रह रहे थे।
सोमवार को अचानक तबीयत खराब होने पर उन्हें बीएचयू अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अंतिम संस्कार के दौरान एडीजी जोन पीवी रामाशास्त्री, आईजी रेंज दीपक रतन, एसएसपी राम कृष्ण भारद्वाज, एसपी सिटी दिनेश कुमार सिंह सहित पुलिस महकमे के अन्य अधिकारी मौजूद थे।