संदिग्ध परिस्थितियों में जली गैंगरेप पीड़िता के प्रकरण में लापरवाही बरतना दरोगा को भारी पड़ गया। मामला संज्ञान में आते ही एसपी ने दोरगा को सस्पेंड कर दिया। मामला जौनपुर जिले का है। लापरवाही के आरोप में पुलिस अधीक्षक केके चौधरी ने उपनिरीक्षक जय सिंह को निलंबित कर दिया है।
गैंगरेप की शिकार किशोरी की मां की तहरीर पर दस माह पूर्व तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ मगर एक भी आरोपी अब तक पकड़ा नहीं जा सका। इतना ही नहीं, आरोपी खुलेआम थाना के इर्द गिर्द घूम रहे थे। किन्तु इलाकाई पुलिस उन्हें गिरफ्तार नहीं कर रही थी।
यही नहीं प्रकरण में लीपापोती करने के लिए किशोरी का तीन माह का गर्भपात भी करा दिया गया था। फिर भी पुलिस मौन रही। पीड़िता की मां न्याय की गुहार लगाने के लिए दर दर की ठोकरे खा रही थी। किशोरी के लिए 26 अप्रैल की रात पहाड़ बनकर आई।
संदिग्ध परिस्थितियों में किशोरी को आग के हवाले कर दिया गया। घटना की जानकारी जब पुलिस विभाग के आला अफसरों को हुई तब जाकर इनकी नींद खुली। गंभीर रूप से जली किशोरी की हालत खराब होने के कारण डाक्टरों ने जिला अस्पताल से बीएचयू रेफर कर दिया है।
किशोरी अभी जिंदगी से जंग लड़ रही है। यह चर्चा आम है कि पुलिस उन आरोपियों को गिरफ्तार कर ली होती तो शायद किशोरी आग का शोला न बनने पाती। इस प्रकरण में पुलिस ने जितनी तेजी किशोरी के जलने के बाद दिखाई है, इसके पहले दिखाई होती तो शायद न तो किशोरी जलती और न ही दरोगा निलंबित होता।