यूपी के जौनपुर में पुलिस ने बुधवार की शाम जाली नोटों का धंधा करने वाले दो लोगों को दबोच लिया। उनके कब्जे से पुलिस ने तकरीबन छह लाख से अधिक रुपये बरामद किए। इनमें पांच लाख से अधिक के नोट नकली हैं। इसके अलावा मोबाइल फोन, सिम कार्ड और वोटर आईडी भी मिली है। दोनों आरोपी आजमगढ़ निवासी हैं।
मुखबिर की सूचना पर जौनपुप पुलिस ने शाहगंज- फैजाबाद मार्ग के दादरपुल के पास से दो लोगों को दबोच लिया। पुलिस को इनके पास से तीन बैग में छह लाख से अधिक रुपये मिले। इनमें पांच लाख से अधिक के नकली नोट हैं।
नकली नोट एक ही सीरीज के 500, 50, 20 के हैं। आरोपियों के पास से आठ मोबाइल फोन, दर्जनभर से अधिक सिमकार्ड, कई लोगों के पैनकार्ड, वोटर आईडी भी मिले हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस की छह टीम अन्य जिलों में छापेमारी कर रही हैं।
सूत्रों के अनुसार आरोपियों ने वाराणसी, कानपुर, देवरिया, लखनऊ, जौनपुर के अलावा पश्चिम बंगाल, बिहार, मध्यप्रदेश आदि प्रांतों में नेटवर्क बनाया है। यहां ये करोड़ों का हर महीने धंधा करते रहे हैं। पुलिस सूत्रों की मानें तो यह धंधा दो वर्षों से चल रहा था।
बताया जाता है कि जालसाज शिकार की तलाश में लगे रहते थे। जहां अपने शिकार को एक लिफाफा देते थे। उसमें एक ही सीरीज के दो नोट रहते थे। लिफाफे में रखे पत्र में बताया जाता था कि 50 हजार देने पर एक लाख मिलेगा और एक लाख देने पर तीन लाख के नोट मिलेंगे।
पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है। एसपी केके चौधरी का कहना है कि पूछताछ की जा रही है। लाखों की बरामदगी हुई है।