इससे पहले ग्राम पंचायतों को 15वें वित्त आयोग व राज्य वित्त आयोग मद के तहत ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत, जिला पंचायतों में विकास कार्य कराने के लिए करीब 80 करोड़ से अधिक रुपये की धनराशि जिले को आवंटित हुई थी। प्रधानों ने इस राशि से गांवों में विकास कार्य कराए गए थे। लेकिन पंचायत चुनाव की आचार संहिता के चलते करीब 17 करोड़ की राशि ग्राम पंचायत निधि के खातों में रह गई थी।
आचार संहिता के चलते गांवों में विकास नहीं कराए जा सके। अब पंचायत चुनाव जीतने वाले ग्राम प्रधानों को खजाना भरा मिलेगा। उनकी ग्राम पंचायतों के खातों में कई-कई लाख रुपये की धनराशि गांवों के विकास के लिए हैं। ऐसे में ग्राम प्रधानों को गांवों में विकास कार्य कराने के लिए धन अभाव का सामना नहीं करना पड़ेगा।
हालांकि इस राशि को खर्च करने से पहले ग्राम प्रधानों को कार्य योजना प्रस्तुत करनी होगी। इसके बाद वह राशि को विकास कार्यों में खर्च कर सकेंगे। डीपीआरओ शाश्वत आनंद सिंह ने बताया कि पंचायतों के खाते में तकरीबन 17 करोड़ रुपये पड़े हैं। ग्राम पंचायतों का गठन जल्द होगा। शपथ ग्रहण के बाद इस धनराशि को खर्च कर सकेंगे।