आरक्षण के लिए आठ कटेगरी
चक्रानुक्रम में पहले अनुसूचित जनजाति महिला, फिर अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति महिला, अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग महिला, पिछड़ा वर्ग, महिला, सामान्य सीट होगी।
कहीं खुशी तो कहीं गम
मौजूदा आरक्षण व्यवस्था पर हाईकोर्ट की रोक के बाद कहीं खुशी तो कहीं गम है। उन दावेदारों को बड़ा झटका लगा है, जिन्होंने पोस्टर-बैनर छपवाकर प्रचार-प्रसार करना शुरू कर दिया था। उन्हें अब ये डर सताने लगा है कि कहीं अभी के आरक्षण में हाथ आई सीट 2015 की आरक्षण व्यवस्था के चलते हाथ से न निकल जाए। हालांकि वे दावेदार जिनके हाथ इस आरक्षण सूची से मायूसी लगी थी, वे उम्मीद लगाए बैठे हैं कि शायद नई व्यवस्था से कुछ बदलाव हो जाए। सीटों का उलटफेर हुआ तो शायद उन्हें अपनी मनमाफिक सीट से चुनावी मैदान में उतरने का मौका मिल जाए। कोर्ट के फैसले ने कई के चेहरे पर मायूसी तो कई के चेहरे पर चमक ला दी है।