कांग्रेस प्रत्याशी अनिल श्रीवास्तव ने कहा कि जनता ने कांग्रेस पर भरोसा जताया है। कई मतदाताओं के नाम सूची में नहीं थे। इससे वे वोट नहीं डाल सके। कई घरों में पति का नाम मतदाता सूची में था और पत्नी का नहीं। प्रशासन की व्यवस्था ठीक नहीं रही। निगम सदन में 30 से अधिक पार्टी के पार्षद पहुंचेंगे।
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मेयर पद के बसपा प्रत्याशी सुभाष चंद्र मांझी ने कहा कि बहन मायावती पर जनता ने विश्वास जताया है। ग्रामीण इलाकोंं में भी पार्टी अच्छा चुनाव लड़ी है। रामनगर में कई लोगों के नाम मतदाता सूची से गायब रहे। मजिस्ट्रेट से शिकायत दर्ज कराई थी। यही समस्या मदरवां में रही। निगम सदन में पार्टी के 15 पार्षद जीतेंगे।
प्रथम नागरिक के लिए हो रहे चुनाव में प्रत्याशियों की जीत-हार पर ही राजनीतिक दलों के दिग्गजों की साख का भी प्रदर्शन होगा। वाराणसी नगर निगम सीमा से जुड़े भाजपा के सात विधायक, दो एमएलसी और संगठन के पदाधिकारी चुनाव में जुटे थे। सपा ने गाजीपुर के पूर्व विधायक और सपा सरकार में मंत्री रहे ओम प्रकाश सिंह को वाराणसी की जिम्मेदारी सौंपी थी। सपा ने हाल में संगठन में बदलाव कर महानगर की कमान पुराने कार्यकर्ता दिलीप डे को सौंपी है।
ऐसे ही कांग्रेस के प्रांतीय अध्यक्ष अजय राय की प्रतिष्ठा भी इस चुनाव से जुड़ी है। भाजपा की ओर से कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर, राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार रविंद्र जायसवाल, दयाशंकर मिश्र दयालु, विधायक नीलकंठ तिवारी, सौरभ श्रीवास्तव, अवधेश सिंह, एमएलसी अशोक धवन, हंसराज विश्वकर्मा और सहयोगी अपना दल एस के विधायक सुनील पटेल जनता के बीच प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। चुनाव में जीत हार से इन दिग्गजों की जनता के बीच पकड़ का आंकलन होगा।