हादसे के बाद माैके पर माैजूद भीड़।
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मूल रूप से वाराणसी के लोहटिया का रहने वाला चुन्ना सेठ (55) अपनी किरन, पुत्र काजू (18), पुत्री कुमकुम (08) और साले संतोष के साथ पिछले दस वर्षेा से नगर के लाठ नंबर एक वेस्टर्न बाजार में प्रभु चौहान के मकान में किराये पर रह रहे है। गुब्बारे बेचकर अपने परिवार का जीवकोपार्जन चलाते हैं।
बृहस्पतिवार की शाम लगभग चार बजे चुन्ना सेठ घर के बाहर सड़क किनारे एक ठेले पर सिलिंडर रखकर गुब्बारे में हवा भर रहे थे कि तभी सिलिंडर में तेज आवाज के साथ ब्लास्ट हो गया। इस दौरान ब्लास्ट कर चपेट में आकर चुन्ना सेठ गंभीर रूप से घायल हो गये। उनकी आंखों में गहरी चोट लग गई, जिससे खून का रिसाव शुरू हो गया।
वहीं सिलिंडर के लोहे के टुकड़े सड़क के दूसरी तरफ जा गिरे । इससे प्रिंटिंग प्रेस की दुकान का पिलर, दीवार और एक बाइक क्षतिग्रस्त हो गई। वहीं प्रिंटिंस प्रेस संचालक पंकज कुमार राव के आंख के नीचे और हाथ में हल्की चोट लग गई। घटना के बाद लोगों ने घायल को निजी चिकित्सालय में भर्ती कराया। जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें जिला चिकित्सालय के लिए रेफर कर दिया।
इस संबंध में मुगलसराय कोतवाली प्रभारी निरीक्षक संतोष कुमार सिंह ने बताया कि गैस सिलिंडर में ब्लास्ट हुआ था। इस दौरान गंभीर रूप से घायल गुब्बारा विक्रेता को जिला अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती कराया गया है। वहीं मामले की जांच की जा रही है।
पांच मिनट के लिए हो गया था धुंआ-धुंआ
नगर के लाठ नंबर एक वेस्टर्न बाजार में सड़क पर सिलिंडर ब्लास्ट के बाद पांच मिनट तक लोगों को कुछ समझ ही नहीं आया। इस दौरान ब्लास्ट वाले स्थल के आसपास इतना धुंआ हो गया था कि लोगों को दिखना बंद हो गया था। धंआ छटने के बाद लोगों ने लहूलुहान हाल में गुब्बार विक्रेता और सड़क पर फैले सिलिंडर के लोहे के टुकड़ों को देखा तो उनके होश उड़ गये। लोगों के बीच चर्चा रही कि घटना जिस वक्त हुई उस दौरान मार्ग पर काफी भीड़ रहती है, लोगों का आवागमन लगा रहता है लेकिन गनीमत रही कि उस समय मार्ग पर कोई नहीं था अन्यथा कई घायल होते।
क्यों फटता है गुब्बारा भरने वाला सिलिंडर
एलबीएस पीजी के रसायन विभाग प्राध्यापक रीया श्रीवास्तव ने बताया कि गुब्बारा भरने वाले सिलिंडर में हाइड्रोजन गैस का इस्तेमाल होता है। यह डीजल, पेट्रोल से भी ज्यादा ज्वलनशील होता है। इससे होने वाली घटना में ज्यादा नुकसान होने की संभावना रहती है। हाइड्रोजन जो है वह नाइट्रोजन और ऑक्सीजन से हल्की होती है, इसलिए गुब्बारा भी उड़ने लगता है। कभी कभी गर्म हवा भी गुब्बारा में भरते हैं, जिसकी गर्मी से वहां की हवा हल्की हो जाती है।
गुब्बारा भरने वाले सिलिंडर की नहीं होती जांच
नगर में कुछ लोग जीवकोपार्जन के लिए गुब्बारा बेचने का कार्य करते है। इनमें से कुछ लोग हाईड्रोजन गैस सिलिंडर से गुब्बारे में हवा भरकर उसे बेचते हे। हालांकि इन सिलिंडरों की जांच कभी भी नहीं होती है। ऐसे में पुराने सिलिंडरों का धड़ल्ले से प्रयोग होता है। इसके चलते कई बार उसमें ब्लास्ट हो जाता है। वर्ष 2021 में सूजाबाद में, 2018 में रामनगर और वाराणसी में गुब्बारे में गैस भरने के दौरान सिलिंडर में ब्लास्ट हो चुका है।
सीओ ने क्षेत्र में गैस वाले गुब्बारा बेचने वाले के यहां सिलिंडर के जांच के दिये आदेश
नगर में हाइड्रोजन गैस सिलिंडर में ब्लॉस्ट के बाद सीओ पीडीडीयू नगर अरूण कुमार सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटना के बाबत लोगों से जानकारी हासिल की। इसके बाद उन्होंने पुलिस कर्मियों को गैस का गुब्बारा बेचने वालों के यहां रखें सिलिंडर का विवरण एकत्र कर उसकी जांच किये जाने का आदेश दिया।