चंदौली लोकसभा सीट पर 1989 से कांग्रेस ने जीत का स्वाद नहीं चखा है। आखिरी बार 1984 में पूर्व मुख्यमंत्री पंडित कमलापति त्रिपाठी की बहू चंद्रा त्रिपाठी ने कांग्रेस का झंडा बुलंद किया था। इसके बाद से यहां पार्टी एक जीत को तरस गई। पिछले एक दशक से कांग्रेस मुख्य विपक्षी भी नहीं बन पाई है।
वर्तमान में जिले में सकलडीहा, मुगलसराय, सैयदराजा और चकिया विधानसभा सीटें हैं। इन पर भी दशकों से कांग्रेस जीत का इंतजार कर रही है। चंदौली लोकसभा क्षेत्र में अजगरा, मुगलसराय, सकलडीहा, सैयदराजा ,शिवपुर विधानसभा क्षेत्र आती हैं।
इस लोकसभा में कुल मतदाताओं की संख्या 18,26,437 है, जिसमें पुरुष मतदाता 9,78,574 और महिला मतदाता 8,47,793 हंै। चंदौली में 1952, 1957, 1962 और 1971 में कांग्रेस ने जीत दर्ज की थी। इसके बाद 1984 में कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार को जीत नसीब हुई।
वर्ष 2019 के चुनाव में 5,10,733 मत पाकर भाजपा के डॉ. महेंद्रनाथ पांडेय विजेता रहे। सपा-बसपा गठबंधन के प्रत्याशी डॉ. संजय चौहान ने 4,96,774 मत हासिल किए। वहीं कांग्रेस समर्थित जन अधिकार पार्टी की शिवकन्या कुशवाहा को मात्र 22,291 मत मिले। वे तीसरे स्थान पर रहीं।